‘सुरक्षित बचपन अभियान’ अंतर्गत शुरू होगा विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता अभियान
मोतिहारी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रारंभ ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, के सचिव नितिन त्रिपाठी के कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
बैठक में शिक्षा विभाग, एसजेपीयू, एडीसीपी, किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी ओम प्रकाश, एसएनएस लॉ कॉलेज एवं एमएस लॉ कॉलेज के प्राचार्यो सहित विभिन्न मॉडल विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना तथा जिले के विद्यालयों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा लैंगिक अपराधों से संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण एवं उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सक्षम बनाना है। लिहाजा निर्णय लिया गया कि अभियान के प्रथम चरण अंतर्गत 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पाॅक्सो एक्ट) के महत्वपूर्ण प्रावधानों, बच्चों के कानूनी अधिकारों, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, अनुचित व्यवहार की सूचना देने तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी ने बैठक में अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग का सामूहिक दायित्व है। बच्चों को उनके अधिकारों एवं संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त कर सकें।उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं शैक्षणिक संस्थानों से आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने का आह्वान किया।
वही विधालये के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय से दो शिक्षकों का नामांकन किए जाने पर भी चर्चा हुई। नामित शिक्षकों को आगे प्रशिक्षण प्रदान कर अभियान की गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों तथा निर्धारित कार्ययोजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी जाएगी। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की।

