मत्स्य के क्षेत्र में झींगा पालन का डीएम ने अवलोकन कर ली जानकारी
मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत निर्माणाधीन वृहत फीस फीड मिल (क्षमता 20 टन प्रतिदिन) का निरीक्षण किया। वहीं उन्होंने सात टैंक वायोफ्लाक में हो रहे मत्स्य पालन तथा आरएएस टैंक में हो रहे मत्स्य पालन तथा मुख्यमंत्री मात्स्यिकी विकास योजना अन्तर्गत हो रहे झींगा पालन का निरीक्षण किया।
इस संदर्भ में केसरिया अंचल अंतर्गत बथना निवासी जमशेद आलम एवं दिलजेव खान ने बताया कि फिश फीड का उत्पादन एक सप्ताह में प्रारंभ हो जायगा। जिसका लाभ स्थानीय मत्स्य पालको को मिलेगा।, यहां से उन्नत किस्म का मुख्य आहार उचित दर पर उपलब्ध होगा। वायोफ्लाक टैंक एवं आरएएस के संबंध में बताया कि यह पद्धति कम जगह में अधिक मत्स्य उत्पादन के लिय उपयोगी है।
वायोफ्याक टैंक की क्षमता 15 हजार लीटर जल संचयन की रहती है, जिसमें सलाना 12 सौ केजी से 15 सौ केजी मत्स्य उत्पादन किया जा सकता है। जिससे प्रतिवर्ष 5 में 6 लाख रुपए सनाना शुद्ध मुनाफा हो जाता है। इस अवसर पर जिला मत्सय पदाधिकारी, कनीय अभियंता, जिला मत्स्य कार्यालय एवं मत्स्य विकास पदाधिकारी केसरिया भी मौजूद थे।

