उर्दू भाषा के प्रचार प्रसार को लेकर कल्याण पदाधिकारी ने कर्मियों को दिया निर्देश 

उर्दू भाषा के प्रचार प्रसार को लेकर कल्याण पदाधिकारी ने कर्मियों को दिया निर्देश 
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मोतिहारी। उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार से संबंधित मासिक समीक्षात्मक बैठक, मो. साजिद, प्रभारी पदाधिकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग-सह-सहायक निदेशक जिला अल्पसंख्यक कल्याण  की अघ्यक्षता में डॉ. राधाकृष्ण भवन  में हुई। प्रभारी पदाधिकारी ने निर्देश दिया  कि प्रत्येक मासिक बैठक में सभी उर्दू कर्मी सभी वांछित प्रतिवेदन के साथ अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। विलम्ब से आने वाले या बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुकूल कार्रवाई की जायेगी।

वहीं सभी उर्दू कर्मियों को निदेशित किया गया कि 15.अक्टूबर  को उर्दू निदेशालय में आहुत ‘‘राज्य स्तरीय समीक्षात्मक बैठक’’ हेतु निदेशक उर्दू निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय बिहार द्वारा वांछित सभी प्रतिवेदन दिनांक-09 अक्टूबर 2026 तक जिला उर्दू भाषा कोषांग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे, ताकि सभी को समेकित कर 12 अक्टूबर तक उर्दू निदेशालय को उपलब्ध कराया जा सके।

प्रभारी पदाधिकारी ने सभी कर्मियों को निर्दश दिया  कि उर्दू निदेशालय की ओर से 13 अक्टूबर से आनलाईन उर्दू प्रशिक्षण प्रारंभ होगा। जिसके लिए आप  अपने स्तर से प्रयास कर इच्छुक कर्मियों/अभियर्थियों का अधिक से अधिक नामाकंन कराना सुनिश्चित करें। तत्पश्चात सभी उपस्थित उर्दू कर्मी से मासिक प्रगति प्रतिवेदन की मांग की गई। संबधित उर्दू कर्मियों द्वारा उनके प्रतिवेदन में दर्ज किये गये प्रविष्टि की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में सभी कर्मियों को निर्देश दिया  कि सभी उर्दू कर्मी अपने अपने क्षेत्र में उर्दू के प्रचार-प्रसार तथा आम जन के बीच उर्दू भाषा के प्रयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास करें। 

प्रभारी पदाधिकारी ने सभी उर्दू कर्मी से उनके कार्यालय में कार्यालय का नाम, पदाधिकारी का नाम-पट्ट आदि उर्दू में प्रदर्शित किये जाने के संबंध में समीक्षा किया। सभी उपस्थित कर्मी को  यह निदेश दिया गया कि कार्यालय में सभी पदाधिकारियों इत्यादि का नाम उर्दू में प्रदर्शित किया जाए यदि किन्ही का स्थानान्तरण भी होता है, तो नए नाम पट्ट को उर्दू में प्रदर्शित करना सुनिश्चित करेंगे।  सभी कर्मियों को निर्देश दिया गया कि विभागीय निदेशानुसार अपने नियंत्री पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर अपने क्षेत्र में उर्दू के प्रचार-प्रसार तथा आम जन के बीच उर्दू भाषा के प्रयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास करें।

anand prakash

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