सारण में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य हेतु एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की दस अतिरिक्त नावें तैनात
सारण। जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए एनडीआरफ के अतिरिक्त एसडीआरफ की 10 अन्य मोटर बोट तैनात की गई हैं।इन नावों के जरिए जलजमाव में फंसे ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रशासन खाद्य सामग्री की व्यवस्था में जुटा है।इसी क्रम में देर रात 12:00 बजे जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने छपरा स्थित खेल भवन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैयार किए जा रहे सूखा राशन पैकेट की पैकिंग और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत वितरण पारदर्शी व त्वरित गति से करने के कड़े निर्देश दिए।पानापुर प्रखंड में बाढ़ के पानी में डूबने से दो युवकों ग्राम चकिया निवासी अनिल कुमार और ग्राम फजुली निवासी सत्यम कुमार की मृत्यु हो गई। आपदा प्रबंधन प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान का चेक प्रदान किया गया।

यह चेक महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, तरैया विधायक जनक सिंह, सारण के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में सौंपा गया।जिला प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने और उफनते पानी में जाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि पानी में फंसे लोगों की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें ताकि रेस्क्यू टीम समय पर मदद पहुंचा सके। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

