चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी को मांग को लेकर माकपा का प्रतिरोध मार्च,पुतला दहन
मेहसी। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की चकिया–मेहसी–तेतरिया लोकल कमिटी के तत्वावधान में शनिवार को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, चुनाव आयोग की निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने सहित मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला गया।
प्रतिरोध मार्च हॉस्पिटल रोड से शुरू होकर स्टेशन रोड एवं बैंक चौक होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचा। माकपा राज्य कमिटी सदस्य एवं महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी कॉ. राजमंगल प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव केवल मतदान कराने की प्रक्रिया नहीं है। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शी मतदाता सूची, सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी शर्तें हैं। हाल के दिनों में निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठे हैं। इन सवालों का संतोषजनक और पारदर्शी जवाब देना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।
प्रतिरोध मार्च में शामिल डीवाईएफआई के राज्य कमिटी सदस्य इम्तेयाज अहमद ने कहा कि विशेष रूप से एस आई आर और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने के आधार, तकनीकी व्यवस्था तथा शिकायतों के निवारण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लिहाजा माकपा इन मामलों में जवाबदेही तय करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग करती है।प्रतिरोध मार्च में जहीर आलम, अखिलेश कुमार, शफीकुर रहमान, राजेश राम, धर्मनाथ यादव, रवि कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, हरिहर ठाकुर, राजेंद्र राम, मोहम्मद सहीम सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

