डीएम के नेतृत्व में महिलाएं एवं बच्चे विषय पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व एवं संरक्षण पर परिचर्चा 

डीएम के नेतृत्व में महिलाएं एवं बच्चे विषय पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व एवं संरक्षण पर परिचर्चा 
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मोतिहारी। जिला अधिकारी सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में महिलाएं एवं बच्चे विषय पर आयोजित सेमिनार का आयोजन किया गया।

सेमिनार का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर  हुआ।  पश्चात् सेमिनार में उपस्थित पदाधिकारी एवं विद्धानो का स्वागत करते हुए महिलाएं एवं बच्चे विषय पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व एवं संरक्षण पर मुख्य परिचर्चा सत्र का शुभारंभ हुआ।

इस क्रम में जिलाधिकारी को  स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व एवं संरक्षण के महत्वपूर्ण बिन्दुओं से अवगत कराया गया। इस क्रम में डॉ. सुरूचि स्मृति, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल के द्वारा स्वास्थ्य के विषय में विस्तृत रूप से चर्चा करते हुये उपस्थित जनजातिय महिलाएं एवं बच्चे को स्वस्थ्य के बारे में बताया गया। इस अवसर पर विभिन्न बीमारी  सिकल सेल एनीमिया आदि अनुवांशिक बीमारी के उपचार एवं रोकथाम के बारे में बताया गया।

उनके द्वारा यह भी बताया गया कि किस प्रकार हम बीमारियों के बारे में जागरूक हो कर स्वस्थ्य जीवन की ओर अग्रेसर हो सकते है। सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाओं के बारे में चर्चा कर उपस्थित सभी जनजातीय समुदायों को अवगत कराया गया। इस क्रम में डॉ. अमृतांशु कुमार, ने बच्चे के स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुये बताया ने कि कैसे प्रसव को सुलभ बनाया जा सकता है। तत्पश्चात् डॉ. मनीषा रानी, महात्मा गांधी केविवि ने शिक्षा के विषय पर चर्चा की।गई तथा शिक्षा के महत्वों से अवगत की गई कि किस प्रकार हम शिक्षा को अपने रोजमर्रा के जीवन में उपयोग कर सकते है तथा सरकार के विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर उससे लभान्वित हो सकते है।

 शिक्षा ग्रहण कर लेने मात्र से उत्थान नहीं होगा, जबतक कि हम अपने जीवन में शिक्षा के उद्देश्य को आत्मसात न कर लें। डॉ. प्रो. श्याम नन्दन ने  प्रो. मंजरी वर्मा भी विचार व्यक्त  किया। प्रो. रविन्द्र कुमार वर्मा रवि, सेवानिवृत कुलपति, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने बताया  कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य यह है कि किस प्रकार जनजातियों के उत्थान के लिए कदम उठाया जाये, जिससे कि समाज के वंचित व्यक्तियों को शत-प्रतिशत आच्छादित किया जा सकें। इसके बेहतर परिणाम के लिए नुक्कड़ नाटक, विज्ञापन आदि के माध्यम से उपलब्धि पायी जा सकती है। 

संवाद सत्र में जनजातीय समुदाय के समस्याओं से अवगत होकर उसके निदान हेतु संतोष कुमार पाण्डेय, जिला कल्याण पदाधिकारी ने सुझाव दी। तत्पश्चात फीड बैंक प्राप्त कर कार्यक्रम को धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त की गई।

सेमिनार में  दिनेश कुमार गोंड, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ,, राजेश खरवार, प्रदेश अध्यक्ष युवा खरवार, महासंघ बिहार, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका, मोतिहारी,  ब्रजेश कुशवाहा, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, रक्सौल,  रंजीत कुमार, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, सुगौली,  राकेश कुमार, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, मधुबन  गुफरान आलम, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, पकड़ीदयाल,  जितेन्द्र कुमार, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, सदर,  आनन्द मोहन बिहारी, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, कोटवा एवं जनजातीय समुदाय के महिला एवं पुरूष तथा विकास मित्र उपस्थित थे।

anand prakash

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