बंजरिया के सरकारी शिक्षक का अपहरण कर हत्या करने का आरोप, एक गिरफ्तार
-जटवा – जनेरवा रोड में एक बासवाड़ी में गम्भीर स्थिति में मिले शिक्षक
-आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल गेट पर शव रख सड़क किया जाम
-एसपी ने मुख्य आरोपी पर घोषित किए 20 हजार का इनाम
मोतिहारी। बंजरिया थाना क्षेत्र स्थित सिसवा शहवाज टोला में गुरुवार की देर शाम उस समय अफरातफरी मच गया , जब स्कूल में परीक्षा ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे युवा शिक्षक मो. शमशाद की हत्या की सूचना गांव में पहुंची। संदिग्ध स्थिति में शव के सदर अस्पताल में मिलने की बात कही गई जबकि परिजन सीधे तौर पर इसे अपहरण कर निर्मम तरीके से हत्या करने का आरोप लगा रहे है। पुलिस की कारवाई में इस मामले में शब्बीर आलम की गिरफ्तारी हुई है,जबकि मुख्य आरोपी जफीर आजाद उर्फ चमन के विरुद्ध पुलिस कप्तान ने 20 हजार के इनाम की घोषणा की है।
बताते है कि मृतक शमशाद सिसवा पूर्वी पंचायत के शेख रफिक के पुत्र थे। आरोप है कि हमलावरों द्वारा उन्हें अगवा किए जाने के करीब पांच घंटे बाद वह गंभीर रूप से जख्मी हालत में बरामद हुए, जहा अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एक स्थानीय मुखिया पर योजनाबद्ध तरीके से हत्या कराने का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल चौक पर शव रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया, जिससे घंटों तक भारी अफरातफरी मची रही।
-पंचायत सरकार भवन के पास से अपहरण का आरोप
शिक्षक मो. शमशाद गुरुवार को बंजरिया थाना क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बनकट में परीक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। शाम को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद जब वे बाइक से अपने घर लौट रहे थे, तभी पंचायत सरकार भवन के समीप पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, हमलावर उन्हें जबरन अपने साथ अगवा कर अज्ञात स्थान पर ले गए। शिक्षक के समय पर घर न पहुंचने और फोन बंद मिलने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की।
-घायल शिक्षक सिकरहना नदी किनारे बांसवाड़ी से बरामद
अपहरण की सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। घटना के करीब पांच घंटे बाद रात के समय शमशाद घटनास्थल से काफी दूर सिकरहना नदी के किनारे जटवा-जनेरवा मुख्य मार्ग के पास स्थित एक सुनसान बांसवाड़ी में बेहोशी की हालत में पाए गए। उनके शरीर और सिर पर बेरहमी से पीटे जाने और गंभीर चोट के निशान थे। पुलिस व परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शहवाज टोला से लेकर अस्पताल परिसर तक कोहराम मच गया।
-सदर अस्पताल चौक पर शव रखकर हंगामा, राहगीरों से धक्का-मुक्की
पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान ही आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बीच उग्र भीड़ ने शिक्षक के शव को एंबुलेंस से निकालकर सीधे सदर अस्पताल चौक के बीचों-बीच रख दिया और आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान सड़क जाम में फंसे राहगीरों के साथ नोकझोंक, धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई थी। जिससे मुख्य चौक पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और शहर का यातायात तंत्र चरमरा गया।
-मुखिया पर अगवा कर हत्या कराने का आरोप, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
आक्रोशित परिजनों ने इलाके के एक मुखिया पर पुरानी रंजिश के तहत शमशाद को योजनाबद्ध तरीके से अगवा कर उसकी पीट-पीटकर उन हत्या करने का सीधा आरोप लगाया है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। मौके पर पहुंचे सदर डीएसपी दिलीप कुमार, नगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन, बंजरिया और मुफस्सिल थाने की पुलिस टीम ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। सदर डीएसपी ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर संदिग्धों और नामजद व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं तथा मामले में निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

