आईईएसओ में भारत ने 9 पदकों के साथ रचा नया कीर्तिमान

आईईएसओ में भारत ने 9 पदकों के साथ रचा नया कीर्तिमान
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। भारत ने 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड (आईईएसओ) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है।

भारतीय छात्र दल ने कुल 9 पदक- 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य जीतकर प्रतियोगिता में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को पृथ्वी भवन में आईईएसओ के विजेता भारतीय छात्रों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूलों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

आईईएसओ का आयोजन 20 से 27 अगस्त 2026 तक इटली के ट्यूरिन में हुआ। प्रतियोगिता में 39 देशों के छात्रों ने हिस्सा लिया। भारतीय विद्यार्थियों ने लिखित और प्रायोगिक परीक्षाओं के अलावा इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

भारत की ओर से सौमिक मंडल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। दुर्गापुर के डीएवी मॉडल स्कूल के सौमिक ने 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीता तथा 39 देशों के प्रतिभागियों में तीसरा स्थान हासिल किया। खड़गपुर के डीएवी मॉडल स्कूल, आईआईटी -केजीपी के एरॉन मैती ने 1 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक, पटना के ज्ञानस्थली इंटरनेशनल स्कूल की रिद्धि रंजन ने 1 स्वर्ण और 1 रजत पदक, जबकि जेएनवी के मो. एहतशाम रिज़वी ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किया।17,800 छात्रों से शुरू हुई चयन प्रक्रिया

इस सफलता के पीछे व्यापक राष्ट्रीय चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया रही। देशभर में करीब 17,800 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय चयन परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा लगभग 500 केंद्रों पर आयोजित की गई। इसके बाद चुने गए शीर्ष 25 विद्यार्थियों को जून 2026 में गुजरात के वडोदरा स्थित एमएस विश्वविद्यालय में तीन सप्ताह का गहन प्रशिक्षण दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं को वैज्ञानिक सोच एवं अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए छात्र-केंद्रित कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रही है। आईईएसओ के साथ डीप ओशन मिशन, मिशन मौसम और पृथवी जैसी पहलें भी देश में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने और भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।भारत का यह 9 पदकों का प्रदर्शन आईईएसओ के इतिहास में देश की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page