नेपाल में बाढ़ से 12 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद, 431 मेगावाट बिजली उत्पादन बाधित

नेपाल में बाढ़ से 12 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद, 431 मेगावाट बिजली उत्पादन बाधित
Facebook WhatsApp

काठमांडू। रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण नेपाल की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता का करीब 10 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। बाढ़ से विद्युत उत्पादन, प्रसारण और वितरण संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचने के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बन गई है।प्रारंभिक विवरण के अनुसार, बाढ़ के कारण 431.1 मेगावाट क्षमता वाले 12 विद्युत उत्पादन केंद्र बंद हो गए हैं। निर्माणाधीन 15 जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता करीब 470 मेगावाट है।

प्रसारण व्यवस्था की बात करें तो त्रिशूली 220 केवी 3 बी हब सबस्टेशन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा 132, 66 और 220 केवी की विभिन्न प्रसारण लाइनों तथा टावरों को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कारण रसुवा जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। वहीं नुवाकोट, धादिङ और गोरखा के विभिन्न इलाकों में विद्युत सेवा आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।

ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाईमंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ के अनुसार, नेपाल विद्युत प्राधिकरण बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उच्च प्राथमिकता के साथ काम कर रहा है।

अब तक प्राधिकरण विद्युत प्रणाली को संतुलित रखने में सफल रहा है, लेकिन बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के कारण आने वाले दिनों में और चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसे देखते हुए आवश्यक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।इसी बीच, विभिन्न विद्युत परियोजनाओं और संरचनाओं में कार्यरत 196 से अधिक कर्मचारी और मजदूरों से संपर्क कट गया है। मंत्री श्रेष्ठ ने बताया कि उनकी तलाश और बचाव अभियान जारी है।

बचाव कार्य तथा बिजली सेवा बहाल करने के लिए नेपाल विद्युत प्राधिकरण के 15 से अधिक वाहनों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त बचाव और तकनीकी टीमों को भी प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।

वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बिजली आपूर्ति बहाल करने, क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना करने तथा संपर्कविहीन कर्मचारियों और मजदूरों की तलाश व बचाव का काम स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित निकायों के समन्वय में किया जा रहा है।

मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि सरकार ने फिलहाल मानवीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव तथा आवश्यक विद्युत सेवा की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत विवरण जुटाने और तकनीकी मूल्यांकन का काम भी जारी है।

उन्होंने कहा कि अब तक विद्युत प्रणाली को संतुलित रखने में सफलता मिली है, लेकिन बाढ़ से हुए बड़े पैमाने के नुकसान के कारण आने वाले दिनों में अतिरिक्त चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियों और प्रबंधन को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page