समुद्र में 28 दिन से भटक रहे आंध्र प्रदेश के आठ मछुआरों को ट्रॉलर सहित सुरक्षित बचाया गया

समुद्र में 28 दिन से भटक रहे आंध्र प्रदेश के आठ मछुआरों को ट्रॉलर सहित सुरक्षित बचाया गया
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पूर्व मेदिनीपुर। बंगाल की खाड़ी में लगातार 28 दिनों तक भटकने के बाद आंध्र प्रदेश के एक मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर से आठ मछुआरों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। समुद्र के बीच ट्रॉलर में गंभीर यांत्रिक खराबी आने के बाद उसका मुख्य इंजन बंद हो गया था।संपर्क व्यवस्था और दिशा बताने वाला यंत्र भी काम नहीं कर रहा था। इसके बाद ट्रॉलर समुद्र की तेज धार और हवाओं के बीच नियंत्रणहीन होकर बहता रहा।

मछुआरों के अनुसार, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से करीब एक महीने पहले ट्रॉलर गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकला था। समुद्र के बीच पहुंचने के बाद अचानक उसका मुख्य इंजन खराब हो गया। इसके साथ ही संचार व्यवस्था भी बाधित हो गई। दिशा बताने वाला उपकरण काम नहीं करने के कारण मछुआरों के सामने वापस लौटने का रास्ता भी नहीं था।

सीमित मात्रा में उपलब्ध पानी और खाद्य सामग्री के सहारे आठों मछुआरे करीब चार सप्ताह तक समुद्र में जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। इस दौरान ट्रॉलर समुद्र की तेज धार और हवा के कारण लगातार बहता रहा और उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट गया।बुधवार सुबह दीघा मोहना से मछली पकड़ने निकले स्थानीय मछुआरों ने समुद्र में एक पीले रंग का ट्रॉलर बहते हुए देखा। करीब जाने पर पता चला कि उसका इंजन खराब है और उसमें आंध्र प्रदेश के मछुआरे फंसे हुए हैं। स्थानीय मछुआरों ने तत्काल इसकी सूचना दीघा मोहना, मत्स्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दल और संबंधित अधिकारियों की दिन भर की कोशिश के बाद समुद्र से ट्रॉलर को खींचकर दीघा मोहना लाया गया।

काली गंगा’ ट्रॉलर के मालिक अरविंद बर्मन ने अनुसार, “सुबह सात बजे समुद्र में जाल डालने के समय बहता हुआ ट्रॉलर दिखाई दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद मत्स्य विभाग और एसोसिएशन को सूचना दी गई इसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।”दीघा फिश ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रणब कर ने भी बताया कि ट्रॉलर के मिलने के बाद तत्काल तटरक्षक बल और तटीय पुलिस को इसकी सूचना दी गई। गुरुवार सुबह तक मिली जानकारी के अनुसार, सभी आठ मछुआरे सुरक्षित हैं और उन्हें दीघा लाया जा चुका है।

कांथी मत्स्य विभाग के सहायक मत्स्य निदेशक (समुद्री) सुमन साहा ने कहा, “खराब ट्रॉलर की जानकारी मिलने के बाद उसे बचाने के लिए तटरक्षक बल और तटीय थाने को सूचना दी गई। बचाए गए सातों मछुआरों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। वे सभी स्वस्थ हैं।”

करीब 28 दिनों तक गहरे समुद्र में फंसे रहने के बाद आठों मछुआरों के सुरक्षित लौटने से उनके परिवारों और मछुआरा समुदाय में राहत है।

anand prakash

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