नीति आयोग की बेरोजगारी रिपोर्ट पर कांग्रेस हमलावर, प्रियंका बोलीं- 40 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी

नीति आयोग की बेरोजगारी रिपोर्ट पर कांग्रेस हमलावर, प्रियंका बोलीं- 40 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी
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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नीति आयोग की रोजगार रिपोर्ट पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी दर पिछले 40 वर्षों में सबसे अधिक है।युवाओं में असंतोष और निराशा साफ दिखाई दे रही है, जिसका उदाहरण हाल के छात्र आंदोलनों में देखा गया। सरकार को इसपर जवाब देना चाहिए।

प्रियंका ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विनिर्माण क्षेत्र और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर कोई जोर नहीं दिया गया। कुछ नीतियां छोटे कारोबारियों और कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा रही हैं। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था विफल रही है और रोजगार सृजन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सरकार को इसपर जवाब देना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की ‘रीइमेजिनिंग स्किलिंग फॉर विकसित भारत 2047’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अनुमानित 8.7 करोड़ युवा नीट (नॉट इन एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट या ट्रेनिंग) श्रेणी में हैं, यानी वे न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न ही रोजगार में हैं और न ही कोई प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह आंकड़ा वर्ष 2021 में आयोजित राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 78वें दौर पर आधारित है।

रिपोर्ट में कहा गया कि कम आय वाले परिवारों के छात्र पहले से ही कॉलेज फीस और ट्यूशन खर्चों से परेशान रहते हैं, जिससे अतिरिक्त कौशल प्रशिक्षण लेना उनके लिए संभव नहीं होता। इसके चलते कई स्नातक कम वेतन वाली स्थिर नौकरी चुन लेते हैं, जबकि अन्य सही अवसर न मिलने के कारण रोजगार की मुख्यधारा से बाहर हो जाते हैं।

भारत में केवल 8.25 प्रतिशत स्नातक ही अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप भूमिकाओं में कार्यरत हैं। व्यावहारिक शिक्षा और उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण की कमी के कारण युवाओं की रोजगार क्षमता सीमित हो जाती है।

आयोग ने सुझाव दिया है कि नीट युवाओं और महिलाओं को सब्सिडी वाले प्रशिक्षण विकल्प और विशेष वित्तीय सहायता दी जाए।

रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2014-15 से अब तक 7.67 करोड़ से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नागरिकों को निरंतर सीखने और कमाने के अवसर देना अनिवार्य है।

anand prakash

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