किसानों को अब सिर्फ 3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा लोन, बिहार सरकार का नाबार्ड के साथ हुआ करार
पटना। केंद्र सरकार, कृषि विभाग एवं नाबार्ड मिलकर किसानों को मात्र तीन प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराएंगे। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की उपस्थिति में बुधवार को कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल तथा नाबार्ड के उप महाप्रबंधक भोला प्रसाद सिंह ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया।मंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषि ऋण पर पहले से तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकार द्वारा अपनी राज्य योजना मद से किसानों को एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा पांच करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के कार्यान्वयन के लिए नाबार्ड को राज्य एजेंसी नामित किया गया है।
वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं सहकारी बैंकों से लिए गए तीन लाख रुपये तक के फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण एवं अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर एक प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा। तीन लाख रुपये से अधिक के ऋण की स्थिति में भी ब्याज अनुदान का लाभ अधिकतम तीन लाख की ऋण राशि तक ही देय होगा।योजना का लाभ उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के भीतर अपने ऋण का भुगतान करेंगे। योजना का उद्देश्य किसानों पर कृषि ऋण के ब्याज के बोझ को कम करना तथा उन्हें अधिक से अधिक संस्थागत कृषि ऋण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
मंत्री ने कहा कि ब्याज अनुदान से किसानों को कृषि कार्यों के लिए सुलभ एवं कम ब्याज दर पर संस्थागत ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इससे किसान बीज, उर्वरक, सिंचाई, कीटनाशी एवं अन्य आवश्यक कृषि निवेश में बेहतर तरीके से निवेश कर सकेंगे। परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायता होगी।

