बोल बम के जयकारों से गुंजायमान हुआ कांवरिया पथ, सुल्तानगंज से देवघर तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब

बोल बम के जयकारों से गुंजायमान हुआ कांवरिया पथ, सुल्तानगंज से देवघर तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब
Facebook WhatsApp

भागलपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से लेकर बाबाधाम देवघर तक का पूरा कांवरिया पथ शिवभक्तों के जनसैलाब से सराबोर हो उठा है। चारों तरफ गेरुआ वस्त्रों में सजे कांवरियों की लंबी कतारें और हवा में गूंजते ‘बोल बम’ व ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।सुल्तानगंज की पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से पावन जल भरकर लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के लिए पैदल ही देवघर की ओर रवाना हो रहे हैं। इस कठिन यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और अटूट विश्वास देखते ही बनता है। कोई अपने परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की मन्नत लेकर इस यात्रा पर निकला है, तो कोई अपने भाई और अपनों की सलामती के लिए बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने जा रहा है।

इस वर्ष कांवरिया पथ पर आस्था के साथ-साथ भक्ति के कई अनोखे रंग भी देखने को मिल रहे हैं। रास्ते में कहीं कोई श्रद्धालु अपने मासूम बच्चे को झोली में लेकर इस कठिन पैदल यात्रा को पूरा कर रहा है, तो कोई बेहद आकर्षक और सुसज्जित कांवर को अपने कंधों पर उठाए बाबा के दरबार की ओर कदम बढ़ा रहा है। श्रद्धालु भजनों की धुन और बोल बम के गगनभेदी जयकारों के साथ अपनी थकान को भुलाकर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

आस्था, समर्पण और अटूट विश्वास का यह अद्भुत संगम हर किसी को भावविभोर कर रहा है। वैद्यनाथ के प्रति इस अटूट श्रद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। वहीं, इतनी बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है।कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे कांवरिया मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य और विश्राम की पुख्ता व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page