बिहार में जब नए ज़िले बनेंगे, तब उनमें ‘बाढ़’ को भी शामिल किया जाएगा: ललन सिंह

बिहार में जब नए ज़िले बनेंगे, तब उनमें ‘बाढ़’ को भी शामिल किया जाएगा: ललन सिंह
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पटना। केंद्रीय मंत्री एवं जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने रविवार को बाढ़ में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार में जब भी नए जिलों के गठन का निर्णय लिया जाएगा, उसमें बाढ़ को जिला बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है और भविष्य में भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार आगे भी आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देती रहेगी। इसी क्रम में उन्होंने बाढ़ को जिला बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भी राज्य में नए जिलों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी, तब बाढ़ के संबंध में भी निर्णय लिया जाएगा।

अपने संबोधन के दौरान ललन सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की विकासवादी सोच को आगे बढ़ाने का कार्य निशांत कुमार करेंगे, इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

जन संवाद कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपने पुत्र अभिषेक सिंह के साथ मंच पर पहुंचे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अभिषेक सिंह को माला पहनाकर उनका स्वागत और आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में अभिषेक सिंह ने कहा, राजनीतिक विरासत से नहीं मिलती है, जनता के प्यार से मिलती है। उनके इस बयान को भी क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में बाढ़-मोकामा क्षेत्र के कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल राजा परीक्षित (संजीव जी) भी उपस्थित थे। इसके अलावा स्वर्गीय ‘बिहार केसरी’ विवेका पहलवान के परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। ललन सिंह ने इन्हें भी मंच से माला पहनाकर आशीर्वाद दिया है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि इन्हें स्त्नाक निर्वाचन कोटा से एमएलसी का टिकट दिया जा सकता है। हालांकि, स्वर्गीय विवेका पहलवान के परिवार या अन्य किसी व्यक्ति को विधान परिषद (एमएलसी) का टिकट दिए जाने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा जदयू की ओर से नहीं की गई है।

anand prakash

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