पटना में 400 बेड के अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का लोकार्पण

पटना में 400 बेड के अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का लोकार्पण
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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल परिसर में 400 बेड वाले अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहारवासियों को बेहतर, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य अवसंरचना को लगातार मजबूत कर रही है।

लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने की, जबकि उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद रविशंकर प्रसाद और विधायक संजीव चौरसिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल का नया सुपर स्पेशियलिटी भवन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित है। इसके शुरू होने से ऑर्थोपेडिक, न्यूरो और ट्रॉमा से जुड़ी गंभीर एवं जटिल बीमारियों का उच्चस्तरीय उपचार अब बिहार में ही उपलब्ध होगा। इससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि जी+5 मंजिला इस अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल टोकन मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, जिससे पंजीकरण और ओपीडी सेवाएं अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी होंगी। इसके अलावा स्मार्ट न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में दवाओं और जांच के नमूनों की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक बेड पर नर्स कॉल सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीज सीधे नर्सिंग स्टाफ से संपर्क कर सकेंगे।

अस्पताल में 42 अत्याधुनिक आईसीयू बेड, छह एडवांस मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर, ट्रॉमा केयर, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे, मैमोग्राफी और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक रेडियोलॉजी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इसके अलावा पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री लैब, माइनर ऑपरेशन थिएटर, प्लास्टर रूम, डे-वार्ड, प्राइवेट वार्ड, एसआईसीयू, एमआईसीयू, पीआईसीयू, प्री और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, फार्मेसी, पंजीकरण काउंटर, हेल्प डेस्क, सेंट्रल स्टेराइल सप्लाई विभाग (सीएसएसडी), लॉन्ड्री, जिम्नेजियम, ड्राइविंग सिम्युलेटर लैब, न्यूरो रिहैब ट्रेनिंग, ग्रुप थेरेपी और डेली लिविंग स्किल्स ट्रेनिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह अस्पताल केवल अत्याधुनिक उपचार ही नहीं, बल्कि पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से मरीजों को सामान्य जीवन में लौटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके संचालन से बिहार के लाखों मरीजों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य की आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

anand prakash

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