छत्तीसगढ विधानसभा : राम मंदिर चढ़ावा चाेरी काे लेकर कांग्रेस सदस्याें का हंगामा, मंगलवार तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित

छत्तीसगढ विधानसभा : राम मंदिर चढ़ावा चाेरी काे लेकर कांग्रेस सदस्याें का हंगामा, मंगलवार तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन साेमवार काे प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर सदस्यों में तीखी बहस के बीच कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया।विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं होने के कारण स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इस मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही मंगलवार तक लिए स्थगित कर दी गई।

शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए विपक्ष के नेता डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ रामभक्तों की आस्था के साथ छल हुआ है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विधानसभा का विषय नहीं है। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने जवाब दिया कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया है, इसलिए यह मुद्दा चर्चा के लिए प्रासंगिक है। डॉ. महंत ने कहा कि 23 फरवरी 2024 को सदन में कृतज्ञता ज्ञापन पेश किया गया था। उस वक्त सदन की भावना जुड़ी थी। आज सत्तापक्ष इस विषय पर निंदा प्रस्ताव ले आए, हम समर्थन करेंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के पैसों की लूट पर चर्चा चाहते हैं।

अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसने लूटा, आप नाम बताइए। इस पर महंत ने कहा जिस त्रिलोकीनाथ की चर्चा स्वर्ग में होती है, जिस राम के नाम की चर्चा होती है। दुर्भाग्य है कि उनके नाम पर यहाँ चर्चा पर आपत्ति जताई जा रही है।

संख्या के आधार पर सत्तापक्ष ने सदन में कृतज्ञता ज्ञापन लाकर अपनी भावना जाहिर की थी, तब बृजमोहन अग्रवाल सदस्य के रूप में इस प्रस्ताव को लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि उस दिन आस्था, विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना दिखाई थी। आज हम राम को लेकर चर्चा चाहते हैं, तो आपत्ति हो रही है। हमने ईंट दिया है, पैसा दिया है। क्या हमारी आस्था नहीं जुड़ी है?अजय चंद्राकर ने कहा कि आपका कोषाध्यक्ष तीन साल से कहाँ लापता था? तब खूब चंदा चकोरी हुई है। उस पर बात कर लीजिए। आप अयोध्या की बात कर रहे हैं। भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि आपकी पार्टी ने तो राम के अस्तित्व को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में दर्ज है कि कभी-कभी शैतान भी बाइबिल पड़ता है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब शिलापूजन के लिए राज्य से पैसा गया। छत्तीसगढ़ के लोगों ने वहां जाकर चंदा दिया,

जिसकी डकैती डाली गई। उस पर चर्चा पर आपत्ति क्यों? हमारे पैसे की डकैती हुई है तो इस पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती?

भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने भूपेश बघेल से पूछा कि आपने कितना पैसा दिया है? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चेक क्रमांक बताते हुए कहा कि रामजन्मभूमि ट्रस्ट को एक लाख 21 हज़ार रुपये दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि उन्हें कांग्रेस सदस्यों से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस मिले थे, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया। क्योंकि यह मामला छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं है। अध्यक्ष के फैसले के बाद कांग्रेस विधायक चर्चा की मांग पर अड़े रहे, जिससे अध्यक्ष को कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब विपक्ष ने फिर से यह मुद्दा उठाया और राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का आरोप लगाने वाले पोस्टर दिखाए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर से सत्तापक्ष और विपक्ष ने तीखी नोंक-झोंक होने लगी। सदन में पहले दोनों तरफ से जय श्री राम के जयकारे लगे। फिर जब एक तरफ जहां कांग्रेस विधायक ‘पाकिट मारना बंद करो’ नारे लगा रहे थे, तो वहीं दूसरे ओर सत्ता पक्ष के विधायक ‘पाप धोने अयोध्या जाओ’ कहकर विपक्ष पर तंज कस रहे थे। चंद्राकर ने कहा कि अध्यक्ष अपना फैसला सुना चुके हैं और बार-बार यह मुद्दा उठाना अध्यक्ष पद का अपमान है।इस दाैरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कल तक लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांगसदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने आज के दिन को छत्तीसगढ़ के इतिहास का काला दिन बताते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जो हुआ, वह करोड़ों राम भक्त के लिए काला दिन है। हमने राम मंदिर में हुई लूट पर चर्चा की मांग की थी। हम विपक्ष के साथी राम भक्तों की बात रखना चाहते थे, लेकिन हमें चर्चा की अनुमति नहीं दी गई। हर छत्तीसगढ़िया व्यक्ति का चंदा गया है। एक रुपये लेकर लाखों रुपये का चंदा दिया गया। हम इस पर जाँच की मांग करते हैं। चंदा चोरी की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।

anand prakash

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