स्वास्थ्य संस्थान में अनावश्यक रेफरल पर रोक लगायें : मुख्यमंत्री

स्वास्थ्य संस्थान में अनावश्यक रेफरल पर रोक लगायें : मुख्यमंत्री
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पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान में अनावश्यक रेफरल पर रोक लगायें।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समय पर, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसके लिए पूरी संवेदनशीलता से कार्य करें। अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति पर रोक लगायें, इसके लिये प्रभावी व्यवस्था विकसित करें और स्पष्ट नीति के साथ कार्रवाई करें। 15 अगस्त 2026 से अनुमण्डलीय अस्पताल एवं जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज, उच्च स्वास्थ्य संस्थान में अनावश्यक रेफरल पर रोक लगायें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पैथोलॉजी सेवाओं, एनेस्थीसिया, एमआरआई एवं मैमोग्राफी जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार करें तथा इन्हें इन्हें अधिक सुलभ बनायें। हड्डी रोग एवं न्यूरो से संबंधित बीमारियों के उपचार हेतु विशेष तौर पर ट्रॉमा सेंटर का सुदृढ़ीकरण एव क्रियाशील करने पर फोकस किया जाय। प्रमण्डलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी एवं अन्य वरीय पदाधिकारी सरकारी अस्पतालों का नियमित रूप से रात्रिकालीन निरीक्षण करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं, एम्बुलेंस सेवाओं सहित अन्य जानकारियों को प्रमुखता से प्रदर्शित करायें। जिला अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मेडिकल कॉलेजों की सतत् निगरानी जिला पदाधिकारियों के माध्यम से की जाए। रोगी कल्याण समिति के सदस्यों का पुनर्गठन किया जाय तथा समिति को सक्रिय एवं क्रियाशील बनाया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सों की पदस्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाय तथा यथासंभव इन्हें उनके गृह जिलों में पदस्थापित करने पर विचार किया जाय। नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार करें।मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण समिति के गठन के निर्देश दिए, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिला पदाधिकारी करेंगे। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी निर्माण में तेजी लाने को कहा।

anand prakash

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