पारदर्शिता, तकनीक और भरोसा से बनेगा भ्रष्टाचार मुक्त बिहार: मुख्यमंत्री

पारदर्शिता, तकनीक और भरोसा से बनेगा भ्रष्टाचार मुक्त बिहार: मुख्यमंत्री
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पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी ने आज बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को विकसित बनाने के लिये लगातार काम कर रहे हैं।उसे आगे बढ़ाने में हमलोग लगे हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, तकनीक और भरोसा से बिहार भ्रष्टाचार मुक्त बनेगा और इससे सुशासन को भी नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम क़ो सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, स्पेशल विजिलेंस यूनिट तथा आर्थिक अपराध इकाई सीधे कार्रवाई करे। भ्रष्टाचार करनेवाले लोगों को चिन्हित कर बिहार सरकार उनके जब्त किए गए परिसरों में विद्यालय संचालित करेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों तथा शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों के विरुद्ध हमारी सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। गरीबों को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब सरकार की नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट की संस्कृति छोड़कर ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा अपनाना होगा। विद्यालयों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय (स्पेशल विजिलेंस कोर्ट) की स्थापना की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार के मामलों का त्वरित निस्तारण हो तथा दोषियों को शीघ्र दंड मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अपराध एवं आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को यदि गवाही देने के लिए कहीं जाना पड़े, तो उन्हें परिवहन भत्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को ध्यान में रखते हुए बिहार के प्रत्येक जिले में निगरानी थाना तथा सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी स्थापित की जाएगी।उन्होंने कहा कि बिहार की आर्थिक अपराध इकाई एवं निगरानी अन्वेषण ब्यूरो अपने साथ विशेषज्ञ व्यक्तियों को जोड़ते हुए ऐसी आधुनिक एवं स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करे कि विशेष परिस्थिति में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को भी इनके सहयोग की आवश्यकता महसूस हो।

anand prakash

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