राजधानी पटना के हेतनपुर गंगा घाट पर नहाते समय डूबने से तीन बच्चों की मौत

राजधानी पटना के हेतनपुर गंगा घाट पर नहाते समय डूबने से तीन बच्चों की मौत
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पटना। बिहार की राजधानी पटना के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दियारा इलाके के हेतनपुर गंगा घाट पर रविवार को तीन बच्चों की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।प्रशासन ने मृतक बच्चों के परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, हेतनपुर गांव के पांच दोस्त रविवार को गंगा नदी में स्नान करने के लिए घाट पर गए थे। स्नान के दौरान तीन बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद दो अन्य बच्चों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंगा की तेज धारा और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। देखते ही देखते तीनों बच्चे नदी में समा गए।

मृतकों की पहचान हेतनपुर निवासी धर्मवीर राय के 10 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार, सत्येंद्र राय के 11 वर्षीय पुत्र तेज कुमार तथा अमिताभ बच्चन के सात वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। तीनों बच्चे आपस में मित्र थे और छुट्टी के दिन स्नान करने के लिए घाट पहुंचे थे।

घटना के बाद साथ गए दोनों बच्चों ने घबराकर गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन गंगा घाट की ओर दौड़े। परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल नदी में बच्चों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत और खोजबीन के बाद तीनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया।

गंभीर अवस्था में तीनों बच्चों को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा बच्चों की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर शाहपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को परिजनों को सौंप दिया।

दानापुर अंचल अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता के रूप में मृतक बच्चों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत प्रत्येक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी प्रदान की जाएगी।

ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी और छुट्टी के दिनों में बड़ी संख्या में बच्चे गंगा नदी में स्नान करने पहुंचते हैं। उन्होंने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

anand prakash

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