बिहार में निवेशकों को मिलेगा भरोसा और सुरक्षा,जरूरत पड़ने पर उद्योग नीति में भी होगा और सुधार : सम्राट चौधरी

बिहार में निवेशकों को मिलेगा भरोसा और सुरक्षा,जरूरत पड़ने पर उद्योग नीति में भी होगा और सुधार : सम्राट चौधरी
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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष पर आयोजित ‘व्यवसायिक समागम’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को भरोसा और सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 में आवश्यक संशोधन किए गए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी बदलाव किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि बिहार में अधिक से अधिक निवेश हो और नए उद्योग स्थापित हों। इसमें बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी और सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में निवेशक बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं और राज्य में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

सम्राट चौधरी ने कहा कि हाल ही में आयोजित बिहार एआई समिट में भी उद्योगों के विस्तार को लेकर कई सुझाव मिले थे। उन्होंने बताया कि बिहार ने देश की शीर्ष 10 उद्योग नीतियों में जगह बनाई है, लेकिन अपेक्षित स्तर पर निवेश और उद्योग स्थापना अब तक नहीं हो सकी है। सरकार अब निवेशकों का भरोसा मजबूत करने और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अपराध करने वालों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराध का कोई जाति या धर्म नहीं होता और अपराधी सबसे पहले अपने ही समाज के लोगों को नुकसान पहुंचाता है।

मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से जुड़े लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। इसके लिए प्रत्येक तीन महीने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर समस्याओं और सुरक्षा संबंधी मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति (इंडस्ट्री पॉलिसी) में जरूरत के अनुसार सुधार किए जाएंगे। पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र समेत पुराने शहरों में उपलब्ध जमीन का उपयोग सर्विस सेक्टर, आईटी सेक्टर और होटल उद्योग जैसे नए व्यवसायों के लिए भी किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बिहार के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यही धरती देश को स्वर्णिम काल देने वाली रही है और पाटलिपुत्र से करीब 200 वर्षों तक शासन किया गया था।

एमएसएमई सेक्टर को राज्य की समृद्धि का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को विकसित बनाने के लिए छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से भूमि अधिग्रहण और नई टाउनशिप नीति पर काम शुरू किया है। अब तक 14 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि साढ़े छह लाख एकड़ क्षेत्र में नई ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिस पर लगभग छह लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में प्रभावित लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के बदले चार गुना और शहरी क्षेत्रों में दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को विशेष परिस्थितियों, जैसे बेटी की शादी या अन्य संकटों का सामना करना पड़ रहा हो, वे जिलाधिकारी को आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

सम्राट चौधरी ने बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में भी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मिलों को को-ऑपरेटिव सेक्टर से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बिहार को 14 करोड़ लोगों का बड़ा बाजार बताते हुए कहा कि राज्य में सुशासन और बेहतर प्रशासन के जरिए ही समृद्धि लाई जा सकती है।

उन्होंने बताया कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड, थाना और अंचल स्तर पर सहयोग शिविर शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया गया है, जिसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। यदि किसी आवेदन का निपटारा 30 दिनों के भीतर नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ स्वतः निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

anand prakash

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