मनरेगा अंतर्गत मात्र 14 प्रतिशत मानव दिवस सृजन पर मनरेगा पदाधिकारियों के वेतन पर लगाई रोक
-उप विकास आयुक्त में की योजनाओं की समीक्षा
मोतिहारी। उप विकास आयुक्त, डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्ण सभागार में जल संसाधन विभाग के सभी प्रक्षेत्र के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर नाराजगी जताई गई।उन्होने कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता तथा कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा एवं कनीय अभियंता से विभिन्न योजनाओं की स्थिति के संदर्भ में जानकारी प्राप्त किया। डीडीसी ने मनरेगा के साथ ही जल संसाधन विभाग के अभिसरण, मनरेगा से संबंधित योजनाओ के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
जल संसाधन एवं मनरेगा अभिसरण के तहत स्वीकृत 614 योजनाओ की कार्य प्रारंभिक स्थिति, जियो-टैगिंग, एमआर जेनरेशन, मानव दिवस का सृजन, मनरेगा अंतर्गत पंचायत वार योजनाओ के क्रियान्वयन, मनरेगा के तहत पंचायतों में क्रियान्वित योजनाओं में मानव दिवस सृजन की स्थिति, ई-केवाईसी की स्थिति, जल संरक्षण, जल संचय, प्लांटेशन, नहर आहर, पईन आदि के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
वहीं जल संसाधन विभाग के तहत जिले के लिए नामित नोडल पदाधिकारी-सह- कार्यपालक अभियंता तिरहुत नहर प्रमंडल को जल संसाधन प्रक्षेत्र की कितनी योजनाओं को प्रारंभ किया गया है। कितनी योजनओं के एमआर निकले गये है। लेकिन संबंधित विभाग के नोडल की जानकारी नही थी, जिससे स्पष्ट होता है की नोडल पदाधिकारी जल संसाधन विभाग द्वारा जल संसाधन के तहत क्रियांन्वित होने वाली योजनाओ की समीक्षा नहीं की जा रही है।
वहीं पाया कि मनरेगा के तहत मात्र 14 प्रतिशत मानव दिवस सृजन किया गया है। नतीजतन सभी कार्यक्रम पदाधिकारी से जबाब- तलब करते हुए वेतन बंद करने का आदेश दिया। वहीं कम-से-कम 80 प्रतिशत मानव दिवस सृजन के 25 मई तक तिथि बढ़ाने का निर्देश दिये।

