गांजा तस्करी मामले में तीन को ग्यारह वर्षों का सश्रम कारावास
पूर्वी चंपारण। स्वापक औषधि और मन प्रभावी अधिनियम कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने गांजा तस्करी मामले में नामजद चार अभियुक्तों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को ग्यारह वर्षों का सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को तीन लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनायी है। अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सजा पलनवा थाना के सौनाहा निवासी स्व. रामचरण यादव के पुत्र उमाकांत यादव,दरभंगा जिला के दोनार चौक निवासी महेंद्र देव के पुत्र इंद्रकांत देव उर्फ रंजीत, बहादुरगंज थाना के दिलावरपुर निवासी महेंद्र मंडल के पुत्र राजीव कुमार मंडल व मो. यूसुफ आजम के पुत्र मो. खुर्शीद आजम को हुई।
मामले में अनिल कुमार प्रसाद, इंटेलीजेंस ऑफिसर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जोनल यूनिट,पटना ने स्वापक और मन प्रभावी अधिनियम न्यायालय में एनसीबी वाद संख्या PZU/V/15/2019 दर्ज कराया था, जिसमें कहा था कि 8 जुलाई 2019 की सुबह रक्सौल पनटोका एसएसबी बटालियन से सूचना मिली कि रक्सौल थाना के सौनाहा बाजार सिसवा के पास एक मारुति कार से 45 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है तथा चालक सहित चार व्यक्ति पकड़े गए हैं।
सूचना के आलोक में एनसीबी की टीम पनटोका कैंप पहुंचकर बरामद गांजा व पकड़े गए चारों व्यक्तियों को अपने हिरासत में लिया। एनडीपीएस वाद संख्या 53/2019 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजन मिथलेश कुमार वर्मा ने आधा दर्जन गवाहों की गवाही कराई थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद एनडीपीएस के विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। अभियुक्तों द्वारा कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में समायोजित होगी।

