तेजस्वी यादव का भाजपा पर नीतीश कुमार को दबाव डालकर हटाने का आरोप

तेजस्वी यादव का भाजपा पर नीतीश कुमार को दबाव डालकर हटाने का आरोप
Facebook WhatsApp

पटना। बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) पर हमला बोला।विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद सदन से बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अंदर ही अंदर दबाव डालकर, टॉर्चर करके और बेइज्जत कर के हटाया गया है।

उन्होंने कहा, “इस बात को कौन नहीं जानता है। बिहार में कोई ओरिजनल भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यमंत्री बना है क्या?”

तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी पहली बार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर चुनाव लड़े थे और पार्टी की ओर से सचेतक भी बनाए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि विजय चौधरी पहली बार कांग्रेस से चुनाव लड़े थे, जबकि बिजेंद्र यादव जनता दल से आए हैं। ऐसे में भाजपा के भीतर भी इस नेतृत्व को लेकर असंतोष होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी भले ही भाजपा के मुख्यमंत्री हों, लेकिन वे संघ के स्वयंसेवक नहीं हैं।

तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता और उम्र को लेकर भी तंज कसा। तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि मुख्यमंत्री कितने शिक्षित हैं और उन्होंने कौन-सा कोर्स किया है। उन्होंने कहा कि उनकी डिग्री और उम्र को लेकर भी कई सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के खिलाफ हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

तेजस्वी यादव ने बिहार की राजनीतिक अस्थिरता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में पांच सरकारें बनीं, जिससे शासन और विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, “इस साल का 40 प्रतिशत समय तो सरकार बनाने और बदलने में ही बर्बाद हो गया, फिर काम कब हुआ?”

तजस्वी यादव ने यह भी कहा कि अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ना ही था, तो वे चुनाव के समय ही इसकी घोषणा कर सकते थे। तेजस्वी ने दावा किया कि चुनाव के दौरान कभी यह संकेत नहीं दिया गया, जबकि विपक्ष लगातार कह रहा था कि भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं रहने देगी।

तेजस्वी ने निशांत कुमार के बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी कहा था कि “अमित अंकल” ने भरोसा दिलाया था कि 2030 तक नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। ऐसे में अचानक हुए बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page