हथियार बरामदगी मामले में कुख्यात कमरुद्दीन का शागिर्द गिरफ्तार,पुलिस अभिरक्षा में चल रहा इलाज
– 12 सितंबर 2025 को मुरारपुर के सरिसवा से पुलिस ने बरामद किया था हथियारों का जखीरा
– मुखिया व उसके पति कुख्यात कमरुद्दीन को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
मोतिहारी। हरसिद्धि थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरारपुर पंचायत के निवर्तमान मुखिया फरजाना खातून के घर से भारी मात्रा में हथियार बरामदगी के चर्चित मामले में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है।
इस मामले में जेल मे बंद कुख्यात अपराधी कमरुद्दीन मियां उर्फ ढोलकवा के शागिर्द बबलू मियां को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के बलही गांव निवासी बबलू मियां के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय बबलू पहले से ही जख्मी हालत में था, फिलहाल शहर के एक निजी अस्पताल में इलाजरत है।
जहां पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, बबलू मियां हाल ही में अपने पड़ोसी के साथ हुई मारपीट की घटना में घायल हो गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गौरतलब है कि यह मामला 12 सितंबर 2025 का है, जब हरसिद्धि थाना पुलिस ने मुरारपुर पंचायत स्थित तत्कालीन मुखिया फरजाना खातून के सरिसवा स्थित घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान घर के अंदर बने एक अंडरग्राउंड हॉल से एक पेटी में छुपाकर रखे गए हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया था। छापेमारी के दौरान आधा दर्जन पिस्टल, एक कार्बाइन, रायफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए थे।
तत्कालीन थानाध्यक्ष सर्वेंद्र कुमार सिन्हा ने अपने स्वलिखित बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। छापेमारी के तुरंत बाद पुलिस ने तत्कालीन मुखिया फरजाना खातून और उसके पति कमरुद्दीन मियां उर्फ ढोलकवा को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि कमरुद्दीन एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन करता था, जो अवैध हथियारों के बल पर जमीन कब्जाने के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई का भी काम करता था। एफआईआर में पुलिस ने कुल सात लोगों को इस गिरोह का सदस्य बताया था, जिनमें बबलू मियां का नाम भी शामिल था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार ने बताया कि बबलू मियां को जख्मी हालत में हिरासत में लिया गया है और फिलहाल उसका इलाज पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी के स्वस्थ होने के बाद उससे पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और हथियारों के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

