7 लाख रूपये के लिए ठेकेदार सुरेन्द्र ने कामता की हत्या के लिए तीन लाख की दी थी सुपारी

7 लाख रूपये के लिए ठेकेदार सुरेन्द्र ने कामता की हत्या के लिए तीन लाख की दी थी सुपारी
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–  गिरफ्तार ठेकेदार एवं कख्यात बबलू दुबे के भाई ने खोले कई राज 

–  मामले में शामिल 9 बदमाशों की खोज में ताबड़तोड़ छापेमारी 

मोतिहारी/हरसिद्धि। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के उज्जैन लोहियार गांव निवासी हार्डवेयर व्यवसायी कामता मिश्रा पर हुए गोलीबारी और घर पर फायरिंग मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता ठेकेदार सुरेंद्र सिंह और कुख्यात अपराधी डब्लू दुबे को गिरफ्तार किया है। पूरे घटनाक्रम के पीछे पैसों के लेन-देन से उपजी दुश्मनी सामने आई है।

अरेराज डीएसपी रवि कुमार ने हरसिद्धि थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि कामता मिश्रा और ठेकेदार सुरेंद्र सिंह के बीच 25 लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। इसमें कामता मिश्रा ने अपने बकाया 7 लाख रुपये काटकर 18 लाख रुपये वापस कर दिए थे।

इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद गहराता गया, नतीजतन दोनों की बीच अदावत बढ़ती चली गई। सुरेंद्र ने कामता का काम तमाम कर देने की साजिश करने लगा। इसकी परणिति सामने आई है। डीएसपी के अनुसार, ठेकेदार श्री सिंह ने कामता मिश्रा की हत्या की साजिश रची और इसके लिए अपराधी आदित्य पांडेय तथा डब्लू दुबे को हायर किया।

हत्या के लिए आदित्य पांडेय को तीन लाख रुपये दिए गए थे। 30 मार्च 2025 को अपराधियों ने गायघाट स्थित हार्डवेयर दुकान पर कामता मिश्रा को गोली मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में शूटर सहित पांच अपराधी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं।

जेल में बंद अपराधियों को छुड़ाने के लिए आदित्य पांडेय लगातार ठेकेदार पर दबाव बना रहा था। इसी दबाव में आकर सुरेंद्र सिंह ने 19 मार्च को उज्जैन लोहियार स्थित कामता मिश्रा के घर पर दोबारा फायरिंग कारवाई, ताकि भय का माहौल बनाकर समझौते के लिए मजबूर किया जा सके।

पुलिस ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पहले सुरेंद्र सिंह को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर डब्लू दुबे को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

छापेमारी टीम में अरेराज डीएसपी रवि कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार, दारोगा अविनाश कुमार, दारोगा अंकित कुमार सहित डीआईयू की टीम शामिल रही। डीएसपी ने कहा कि मामले में फरार नौ अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

anand prakash

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