पुलिस अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से आर्म्स लाइसेंस लेने का खुलासा,चौकीदार गिरफ्तार
पूर्वी चंपारण। जिले में आर्म्स लाइसेंस के लिए किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने थानेदार और इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर कुख्यात अपराधी को शस्त्र लाइसेंस दिलाने की साजिश रचने के आरोप में चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार किया है।मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर आरोपी चौकीदार के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
मामला केसरिया प्रखंड की प्रमुख के पति नाज अहमद खान के दूसरे आर्म्स लाइसेंस के आवेदन से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाज अहमद खान एक कुख्यात अपराधी है और उस पर पूर्व से कुल 22 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आर्म्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आरोपी ने चौकीदार मनोज सिंह के साथ मिलीभगत कर थानेदार और इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए और रिपोर्ट में नाज अहमद खान का आपराधिक इतिहास ‘शून्य’ दिखाते हुए फाइल जिला मुख्यालय भेज दी।
फर्जीवाड़े की इस गंभीर शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर आवेदन की गहन जांच कराई गई। जांच के दौरान जब अधिकारियों के हस्ताक्षर का मिलान किया गया, तो फर्जीबाड़ा का खुलासा हुआ। खुलासे के बाद पदाधिकारी रामशरण पासवान के लिखित आवेदन पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार मुख्य आरोपी नाज अहमद खान की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया है। पुलिस ने आरोपी प्रमुख पति पर 20 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की है। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
इस खुलासे के बाद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं या पहले भी इस तरह के फर्जी हस्ताक्षर कर लाइसेंस निर्गत कराए गए हैं।

