कुख्यात मुकेश पाठक गैंग का शातिर शूटर तुर्की से गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर। बिहार का कुख्यात मुकेश पाठक गैंग के शार्प शूटर अरुण गिरि को बिहार एसटीएफ और मुजफ्फरपुर पुलिस ने तुर्की में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से पूर्वी चंपारण के चकिया थाना के बहलोलपुर का निवासी है।
मिली जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी पुलिस उसे सात साल से तलाश रही थी। बिहार एसटीएफ को उसका लोकेशन मिला। इसके बाद तुर्की में घेरकर उसे पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद बिहार एसटीएफ ने अरुण गिरि को सीतामढ़ी के सुरसंड थाना को सौंप दिया है।बिहार एसटीएफ के अनुसार वर्ष 2019 में निर्माण कंपनी से रंगदारी कांड में अरुण गिरि की गिरफ्तारी की गई है।
छह जनवरी 2019 को निर्माण कंपनी के महाप्रबंधक राकेश कुमार ने सुरसंड थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि भारत और नेपाल के अलग-अलग पांच नंबरों से पाठक गैंग के शूटर राजा मिश्रा ने रंगदारी के लिए कॉल की। धमकी दी कि सड़क निर्माण के एस्टीमेट कॉस्ट की दो प्रतिशत राशि रंगदारी में नहीं दी गई तो कंपनी के सीनियर अधिकारी की हत्या कर दी जाएगी।
इस घटना से कुछ दिन पहले ही पाठक गैंग ने दरभंगा में सड़क निर्माण साइट पर जाकर दो इंजीनियरों की हत्या कर दी थी। पाठक गैंग के द्वारा रंगदारी मांगी जाने के बाद महाप्रबंधक ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी शिवहर से सीतामढ़ी और सीतामढ़ी से जयनगर तक रोड का काम करा रही है। इसके लिए कंपनी का सुरसंड के गोपालपुर में बेस कैंप है, जहां से हर दिन स्टाफ काम के लिए साइट पर निकलते हैं और शाम में वापस लौट आते हैं।
धमकी मिलने के बाद इंजीनियरों और अधिकारियों में दहशत का माहौल है। सुरसंड थाने के इंस्पेक्टर लाल किशोर गुप्ता ने बताया कि पूछताछ के बाद अरुण गिरि को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी से रंगदारी मांगी जाने के मामले में पूर्व में भी मुकेश पाठक गैंग के शातिर पकड़े गए थे।

