पटना में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन अलर्ट
पटना जू एक सप्ताह के लिए बंद
पटना। होली से पहले राजधानी पटना के कुछ इलाकों में बर्ड फ्लू की पुष्टि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। पीसी कॉलोनी, कंकड़बाग के जू सेक्टर पार्क और पटना हाईकोर्ट परिसर में कई पक्षी मरे हुए मिले थे। इसके बाद उनके सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गये।
अब रिपोर्ट में बर्ड फ्लू यानी एच 5एन 1 की पुष्टि हो गयी है। चितकोहरा स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि होने के बाद पूरे जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए फार्म परिसर में मौजूद करीब छह हजार मुर्गियों को नष्ट करा दिया और पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज कराया गया। इन मुर्गियों को गहरा गड्डा खोदकर दफनाया गया। इसके साथ ही संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पर
के सख्ती बढ़ा दी गयी है। मिली जानकारी अनुसार बीते कुछ दिनों से सरकारी पोल्ट्री फार्म में लगातार मुर्गियों की मौत हो रही थी। पहले इसे सामान्य बीमारी
माना गया, लेकिन, जब मृत मुर्गियों की संख्या तेजी से बढ़ी तो पशुपालन विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। फार्म से नमूने लेकर जांच के लिए
प्रयोगशाला भेजे गये। जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। फार्म परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया और सभी संक्रमित तथा संपर्क में आई मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से गड्ढे में दफन किया गया। इसके बाद पूरे इलाके में दवा और चूने का छिड़काव कराया गया। वहीं, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पटना जिला प्रशासन ने बाहर से मुर्गियों को लाने और बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गयी है और
पशुपालन विभाग की टीम वाहनों की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि वायरस जिले की सीमा से बाहर न जाए और दूसरे इलाकों में फैलने से रोका जा सके। बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों में फैलने वाला वायरस है, लेकिन लापरवाही बरती गयी तो यह इंसानों के लिए भी खतरा बन सकता है। इसी कारण प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालत में सावधानी बरतने की जरुरत है। अगर कहीं मरे हुए पक्षी दिखें तो उन्हें हाथ न लगाएं और तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। चिकन और अंडा खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह पका लें। वहीं, लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जू-सेक्टर पार्क और संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना जू को एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है। गौरतलब कि प्रदेश में कटिहार, भागलपुर और दरभंगा जिलों में पहले ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी।

