एमजीसीयू में ‘उमंग 3.0–2026’ के आयोजन को लेकर छात्रो में दिखा जबरदस्त उत्साह
मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यूनिवर्सिटी एथलेटिक फेस्ट ‘उमंग 3.0–2026’ के दूसरे दिन चाणक्य परिसर खेल उत्साह से सराबोर नजर आया। पारंपरिक खेल पिट्टू के साथ शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
पिट्टू प्रतियोगिता का आयोजन जिला स्कूल स्थित चाणक्य परिसर में किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की 10 महिला टीमों एवं 20 पुरुष टीमों ने भाग लिया। शुरुआती दौर से ही मुकाबले बेहद रोमांचक रहे और खिलाड़ियों ने जोश, रणनीति एवं टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
महिला वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबलों में मीडिया वॉरियर ने द आयरन आइकॉन्स को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में गोल्डन गर्ल्स ने सनफ्लावर ग्रुप को हराया। फाइनल मुकाबले में गोल्डन गर्ल्स ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का परिचय देते हुए मीडिया वॉरियर को 25–15 अंकों से हराकर पिट्टू प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया।
मीडिया वॉरियर टीम में राजनंदनी गुप्ता, प्राची, प्रेरणा सिंह, मृणालिनी, मुस्कान सिंह, शुभांगी, श्रेया पांडेय, निशु एवं जूली शामिल रहीं। वहीं विजेता गोल्डन गर्ल्स टीम में अंशिका कुमारी, जूही सिंह, शिवानी कुमारी, शबाना खातून, प्रांजलि पासवान, सुहानी कुमारी, अजत आफरीन एवं रुबाना खातून ने अहम भूमिका निभाई।
पिट्टू प्रतियोगिता के सफल संचालन में डॉ. राकेश कुमार पांडेय (संयोजक), डॉ. प्रीति बाजपेयी (सह-संयोजक) सहित डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, डॉ. रजनीश नाथ तिवारी, डॉ. सौरभ सिंह राठौर, डॉ. रीतू रानी, डॉ. आशा मीना, डॉ. बाबूलू पाल एवं डॉ. बिस्वजीत बरमन का सराहनीय योगदान रहा। शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
कैरम प्रतियोगिता में कुल 160 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से कड़े मुकाबलों के बाद 20 खिलाड़ी चौथे राउंड में पहुंचे। वहीं शतरंज प्रतियोगिता में 80 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 10 प्रतिभागियों का चयन अगले दौर के लिए किया गया।
खेल बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रो. शिरीष मिश्रा ने कहा कि ‘उमंग 3.0–2026’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेलों के संरक्षण के साथ आधुनिक खेलों को भी बढ़ावा देना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे बहुआयामी खेल आयोजनों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

