बजट सभी राज्यों के लिए न्यायपूर्ण : निर्मला सीतारमण

बजट सभी राज्यों के लिए न्यायपूर्ण : निर्मला सीतारमण
Facebook WhatsApp

-केंद्रीय वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का दिया जवाब

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि यह विडंबना है कि किसान और गरीब के हितों के साथ समझौता करने वाले कांग्रेस पार्टी के नेता आज हमें समझौता कैसे किया जाता है, इस पर नसीहत दे रहे हैं।कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कहा कि आतंकवाद के बावजूद पाकिस्तान से समझौता करने वाले आज हमें समझौता करने के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने कहा, जो लोग शर्म-अल-शेख में आतंकवाद के बावजूद पाकिस्तान के साथ बातचीत करना चाहते हैं, वे अब हमें बातचीत पर सुझाव दे रहे हैं।”

लोकसभा में कल केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के आरंभ के बाद आज दिनभर सदन में इसी विषय पर चर्चा चली। इसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाग लिया और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा पर जवाब देते हुए बजट में महिला, युवा और मजदूरों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया।

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष की कई आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए कोई नई योजना नहीं होने का आरोप गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देना है। केवल इस योजना से अगले पांच वर्षों में एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि पांच बड़े टेक्सटाइल टू लेदर पार्क स्थापित किए जाएंगे। इनसे बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर बनेंगे। उन्होंने वृद्धजनों की देखभाल के लिए एक व्यापक केयर इकोसिस्टम तैयार करने की भी घोषणा की। इस वर्ष 1.5 लाख केयर गिवर को प्रशिक्षित किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कौशल विकास को शिक्षा से जोड़ रही है। विद्यार्थियों को शिक्षा के दौरान ही कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। इससे वे पढ़ाई पूरी करने के बाद उद्यमी बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों के औद्योगिक क्लस्टरों के पास मेगा उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर ऐसे उच्च शिक्षा केंद्र स्थापित करने को तैयार है।

डानकुनी से सूरत तक पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर की घोषणा पर वित्त मंत्री ने तृणमूल नेताओं की टिप्पणियों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री रहते हुए ममता बनर्जी ने लुधियाना से कोलकाता के कॉरिडोर की बात की थी जिस पर आगे कुछ नहीं हुआ। हमारा यह समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर बिल्कुल नई योजना है।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार माल ढुलाई खर्च घटाने के लिए सड़क मार्ग के साथ ही जल मार्ग के विकल्प भी तैयार कर रही है। इससे समुद्र तट से दूर स्थित राज्यों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मछली क्षेत्र के साथ ही केंद्र सरकार ने जल मार्ग और 500 अमृत सरोवर के लिए भी बजट में यह प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि दशकों से प्रसिद्ध 200 विरासत क्लस्टरों को उन्नत किया जाएगा। ये क्लस्टर एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देते रहे हैं। इनमें लुधियाना, जालंधर, कानपुर, बिहार और बंगाल के केंद्र शामिल हो सकते हैं। इनको आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता दी जाएगी।

मेगा टेक्सटाइल पार्कों पर उन्होंने कहा कि औद्योगिक टेक्सटाइल नए युग का हिस्सा हैं। वाहन सीट जैसे उत्पाद इसी श्रेणी में आते हैं। केंद्र सरकार इस क्षेत्र में आने वाले राज्यों के साथ सहयोग को तैयार है।

उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये निर्धारित है। पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये है। यह सकल घरेलू उत्पाद का 3.1 प्रतिशत है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 11.5 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 12 लाख करोड़ रुपये है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर यह 17.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचता है। राज्यों को 50 वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय ऋण की सीमा 2 लाख करोड़ रुपये की गई है। राज्यों को करों में 41 प्रतिशत हिस्सा दिया जा रहा है। अगले वर्ष राज्यों को 25.44 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष से 2.7 लाख करोड़ रुपये अधिक है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page