पोखरण में वायु सेना 27 फरवरी को ‘वायु शक्ति’ के जरिये दिखाएगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक
-वायु सेना के उप प्रमुख ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले में राफेल को बताया ‘हीरो’ नई दिल्ली। वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमला किया, जिसमें राफेल एक ‘हीरो’ था।पाकिस्तान के खिलाफ हवाई संघर्ष के बाद 27 फरवरी को जैसलमेर के पोखरण में होने वाले पहले ‘वायु शक्ति’ में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से यह सन्देश साफ था कि आतंकवाद किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी धरती पर किए गए हर आतंकी कार्य का जवाब दिया जाएगा और इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के बाद बड़े विस्तार की पुष्टि करते हुए कहा कि वायु सेना अपने हवाई बेड़े में मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल करने के लिए तैयार है। यह राफेल या कोई और फाइटर जेट होगा, जिस पर विचार-विमर्श चल रहा है और अभी कोई पक्का फैसला नहीं हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि पोखरण में वायु शक्ति का उद्देश्य क्या पाकिस्तान को कोई सन्देश देना है, तो उन्होंने कहा कि हमारा काम डेमोंस्ट्रेशन करना है। यह डेमोंस्ट्रेशन देखने वालों पर है कि वे इससे क्या मैसेज लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किये गए सटीक हमलों की झलक इस वायु शक्ति के दौरान देखने को मिलेगी।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने बुधवार को कहा कि पोखरण में शाम 5.10 बजे से 7.45 तक इस प्रदर्शन में वायु सेना अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करेगी। वायु शक्ति का प्रदर्शन दिन की रोशनी में, रेगिस्तान के धूल भरे वातावरण में और रात के अंधेरे में 2 घंटे 35 मिनट तक किया जाएगा, जिसमें वायु सेना के 77 फाइटर जेट, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमान हिस्सा लेंगे। इसके अलावा दूर से संचालित विमान, एरियल टारगेट, जमीन से हवा में मार करने वाले हथियारों का प्रदर्शन किया जाएगा। लड़ाकू विमानों में राफेल, मिराज-2000, स्वदेशी एयरक्राफ्ट तेजस, सुखोई-30, मिग-29, और जगुआर होंगे। हेलीकाप्टरों में अपाचे, एमआई-17 वीआई, चिनूक, एमआई-17 वी5, एलसीएच और एएलएच इस हवाई अभ्यास का हिस्सा बनेंगे।
विंग कमांडर अजीत वसाने ने बताया कि वायु शक्ति के दौरान कुल 23 लक्ष्यों पर हमलों का सटीक प्रदर्शन किये जाने की योजना बनाई गई है, जिनमें जमीन से हवा में, हवा से जमीन में, हवा से हवा में या जमीन से जमीन पर होंगे। इन हमलों में 277 हथियारों के जरिये कुल 11 हजार 835 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल होगा। यह सभी हमले पोखरण रेंज के 3 किलोमीटर के दायरे में होंगे। जब यह पूछा गया कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किये गए लंबी दूरी के हथियारों का भी पोखरण में प्रदर्शन होगा, तो उन्होंने इससे इनकार करते हुए बताया कि सुरक्षा के नजरिये से ऐसा नहीं किया जाएगा, बल्कि सीमित दूरी के हथियारों से ऑपरेशन सिंदूर की झलक पेश की जाएगी।

