आईएसओ प्रमाणीकरण से लेकर ई-गवर्नेंस तक सामान्य प्रशासन विभाग ने हासिल की बड़ी उपलब्धी:डॉ बी राजेन्दर

आईएसओ प्रमाणीकरण से लेकर ई-गवर्नेंस तक सामान्य प्रशासन विभाग ने हासिल की बड़ी उपलब्धी:डॉ बी राजेन्दर
Facebook WhatsApp

पटना। सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्दर ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि आईएसओ प्रमाणीकरण से लेकर ई-गवर्नेंस तक सामान्य प्रशासन विभाग बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते डॉ बी राजेन्दर ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार तथा बिपार्ड को आईएसओ 9001:2015 अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक का प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणन विभाग को 21 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान किया गया, जो विभागीय कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं मानकीकरण का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत राज्य के 14 विभागों की 153 प्रकार की सेवाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, नए राशन कार्ड का निर्माण, मजदूर दुर्घटना अनुदान, चालक अनुज्ञप्ति निर्गमन, कन्या उत्थान योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। अब तक राज्य में 51.13 करोड़ से अधिक आवेदनों का सफल निष्पादन किया जा चुका है।

डॉ बी राजेन्दर ने कहा कि जुलाई 2025 से पंचायत सरकार भवनों/पंचायत भवनों में स्थापित लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 64 से अधिक सेवाएं ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे नागरिकों को अब प्रखंड, अनुमंडल अथवा जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

उन्होंने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत शिकायत निवारण व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 45 विभागों की 514 सेवाओं एवं योजनाओं में समयबद्ध एवं पारदर्शी शिकायत निवारण सुनिश्चित किया गया है। 22 जनवरी 2016 से अब तक 18.57 लाख से अधिक शिकायतों एवं परिवादों का निपटारा किया जा चुका है।

डॉ राजेन्दर ने कहा कि सेवा कालीन, सेवा निवृत्ति तथा सेवा लाभों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए एक प्रभावी ऑनलाइन व्यवस्था संचालित है। 3 जून 2019 से अब तक 14,569 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को अधिसूचना संख्या 17373, दिनांक 15.09.2025 के तहत स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के अंतर्गत 121 विषय विशेषज्ञ (फेलो) का चयन कर उन्हें राज्य सरकार के प्रमुख कार्यालयों में कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी एवं आईआईएम बोधगया के बीच एमओयू संपादित किया गया है।

डॉ राजेन्दर ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक कुल 9,84,141 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। इसमें 7,95,832 नियमित नियुक्त कर्मी, 1,17,784 संविदा कर्मी तथा 70,525 बाह्य स्रोत से नियोजित कर्मी शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में नौकरी एवं रोजगार हेतु 1,50,561 पदों की अधियाचना विभिन्न आयोगों एवं पर्षदों को की गई है, जिस पर नियुक्ति की अग्रत्तर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मानव संसाधन प्रशासन का पूर्ण डिजिटलीकरण किया गया है। अब तक 2.72 लाख सेवा अभिलेखों का डिजिटलीकरण, 1.23 करोड़ से अधिक पृष्ठों की स्कैनिंग तथा 48 विभागों के लगभग 8 लाख कर्मियों के सेवा एवं वेतन प्रबंधन का कार्य संपन्न किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सभी समूह ‘क’, ‘ख’ एवं ‘ग’ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति एवं दायित्वों का विवरण संबंधित वेबसाइट पर नियमित रूप से अपलोड किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page