एमजीसीयू में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ पुनर्गठित
पूर्वी चंपारण। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्युएसी) का पुनर्गठन किया गया। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्धारा जारी अधिकारिक आदेश में विश्वविद्यालय के आईक्युएसी की नई संरचना को अधिसूचित किया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव आईक्युएसी के अध्यक्ष हैं। आईक्युएसी की नवगठित समिति में शिक्षाविदों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योग जगत एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है, जिससे विश्वविद्यालय की गुणवत्ता संबंधी नीतियों में बहुआयामी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। समिति में बाह्य विशेषज्ञ सदस्य के रूप में प्रो. शिल्पी वर्मा (बीबीएयू, लखनऊ), डॉ. आशुतोष शरण (एमएस शरण नर्सिंग होम, मोतीहारी), दीपक कुमार (एसपीएम, आईओसीएल, मोतिहारी) शामिल है।
वही विश्वविद्यालय से गांधी भवन के निदेशक एवं मुख्य नियन्ता प्रो. प्रसून दत्त सिंह, ओएसडी (वित्त) प्रो. विकास पारीक, पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. आर.के. चौधरी, एलुमनाई सेल के अध्यक्ष प्रो. रफीक-उल-इस्लाम, प्रेसिडिंग ऑफिसर प्रो. शाहाना मजूमदार, खेल परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. शिरीष मिश्रा, प्लेसमेंट सेल की कोऑर्डिनेटर प्रो. सपना सुगंधा, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला, ओएसडी (प्रशासन) डॉ. सच्चिदानंद सिंह, समाजशास्त्र विभाग की डॉ. स्वेता, जनसम्पर्क प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. श्याम नंदन एवं शिक्षा शास्त्र विभाग के डॉ. पैथलोथ ओंकार को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
वहीं, प्रो. प्रणवीर सिंह, निदेशक, आईक्युएसी को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। सदस्यों का कार्यकाल दो वर्षों का होगा अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। आईक्युएसी, राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करेगा।
आईक्युएसी की बैठक प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल सदस्यों के दो-तिहाई की उपस्थिति को आवश्यक माना जाएगा। कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने आईक्युएसी के पुनर्गठन को लेकर प्रसन्नता जाहिर करते कहा है,कि इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक पारदर्शिता, अनुसंधान गतिविधियों एवं छात्र हितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

