प्रधानमंत्री ने रोजगार मेले में 61 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंप कर कहा, यह राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण

प्रधानमंत्री ने रोजगार मेले में 61 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंप कर कहा, यह राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 18वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 61 हजार से अधिक युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियुक्ति पत्र सौंपे।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि नया साल युवाओं के जीवन में खुशियों का नया अध्याय लेकर आया है। यह नियुक्ति पत्र केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं बल्कि विकसित भारत के निर्माण के लिए एक ‘संकल्प पत्र’ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश के 61 हजार से अधिक युवा अपने जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सेवा में शामिल होना, राष्ट्रसेवा और संविधान के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय युवाओं को संविधान से जुड़ने और अपने कर्तव्यों को समझने का है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जनवरी माह के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि देश इस समय गणतंत्र पर्व के वातावरण में है। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया गया, 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। उन्होंने बताया कि इसी कालखंड में ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया था, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

मोदी ने कहा कि रोजगार मेला बीते वर्षों में एक संस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। इसके माध्यम से लाखों युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है, इसी उद्देश्य से मिशन मोड में रोजगार मेले की शुरुआत की गई थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि देश और विदेश दोनों जगह भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हों। उन्होंने बताया कि भारत सरकार कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिससे भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार और पेशेवर अवसर बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने आधुनिक बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश किया है। सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में हुए विकास से निर्माण और उससे जुड़े हर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसने एक दशक में अपना सकल घरेलू उत्पाद दोगुना किया है और आज सौ से अधिक देश भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है, जिसका लक्ष्य जीवन और व्यवसाय दोनों को आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से हर वर्ग को लाभ मिला है। इन सुधारों ने व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाई है और रोजगार सृजन को गति दी है।

महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं निदेशक, संस्थापक और नेतृत्वकर्ता की भूमिका में हैं। सहकारिता क्षेत्र, स्वयं सहायता समूहों और गांवों में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश की कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है। मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं से महिलाओं को विशेष लाभ मिला है और महिलाओं के स्वरोजगार में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी कंपनियों और संस्थानों के विकास में नव-नियुक्त युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र उन्हें विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस रोजगार मेले में वितरित किए जा रहे नियुक्ति पत्रों में से 49,200 गृह मंत्रालय और अर्धसैनिक बलों से संबंधित हैं। बड़ी संख्या में महिला कांस्टेबलों की नियुक्ति की जा रही है, जो पिछले 11 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए सुधारों का परिणाम है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज सीमा सुरक्षा बल की महिला टुकड़ियां जीरो लाइन तक तैनात हैं। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर पहली बार एक पूर्णतः पुरुष सीआरपीएफ दस्ता महिला सहायक कमांडेंट के नेतृत्व में परेड करेगा।

उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में यूपीएससी, एसएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से कुल 7 लाख 22 हजार नियुक्तियां हुई थीं, जबकि एनडीए सरकार के कार्यकाल में यह संख्या बढ़कर 10 लाख 96 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की युवाओं और रोजगार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

anand prakash

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