बेतिया राज की जमीन को लेकर सरकार के खिलाफ बिगुल फूँकने के लिए एकजुट हुए विशुनपुरवा के किसान
-गाँधी पुस्तकालय विशुनपुरवा मे जयसिंहपुर व विशुनपुरवा के किसानों की हुई बैठक।
-150 किसानों को अंचल प्रशासन ने जमीन छोड़ने का दिया है नोटिस।
-किसानों ने कहा, मर मिटेंगे लेकिन नहीं छोड़ेंगे जमीन
-बेतिया राज से 100 वर्ष पूर्व मिला है जमीन
-किसानों के नाम से क़ायम है जमाबंदी।
तुरकौलिया। बेतिया राज के जमीन को लेकर सरकार के द्वारा शुरू किये गए अभियान से मर्माहत बिजुलपुर, विशुनपुरवा, जयसिंहपुर के किसानों ने एकजुट होकर रविवार को विशुनपुरवा स्थित गाँधी पुस्तकालय पर बैठक किया।
बैठक की अध्यक्षता किसान जवाहर लाल सिंह कुशवाहा ने किया। बैठक मे किसानों ने एकजुट होकर कहा कि मर मिटेंगे लेकिन हम सब अपने पुश्तैनी जमीन को नहीं छोड़ेंगे। सरकार अपने फैसले पर पुनः विचार करे। किसान चिन्ताहरण सिंह ने कहा कि बेतिया राज के कोठी से उन सबके पूर्वज को करीब 100 वर्ष पूर्व जमीन हासिल हुआ है। जिसका जमाबंदी क़ायम होकर वें सब वर्षो से सरकार को लगान देते आ रहे है। फिर वह जमीन कैसे छोड़ेंगे।
किसान उमेश सिंह ने कहा कि सरकार के इस साजिश को वें लोग नाकाम करेंगे। किसान हरेकृष्णा सिंह ने कहा कि यहाँ के करीब 150 किसानों को सीओ द्वारा नोटिश देकर जमीन खाली कराने का आदेश दिया गया है। नोटिश के बाद पुरे गाँव के लोग सदमे मे है।
लेकिन किसान अपने पूर्वजों से आ रही जमीन को किसी हालत मे नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए वें सब आंदोलन करने पर उतारू हो जायेंगे। बैठक मे किसान अजित कुमार, देवेंद्र सिंह, ब्रजेश कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह, शारदानंद सिंह, संजय कुमार सिंह, संतोष सिंह सहित सैकड़ो किसान उपस्थित थे।

