कांग्रेस 5 जनवरी से करेगी मनरेगा बचाओ देशव्यापी आंदोलन

कांग्रेस 5 जनवरी से करेगी मनरेगा बचाओ देशव्यापी आंदोलन
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने मनरेगा समाप्त करने के विरोध में 5 जनवरी से मनरेगा बचाओ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। यह निर्णय पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की शनिवार को यहां हुई बैठक में लिया गया।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मनरेगा केवल योजना नहीं, बल्कि अधिकार-आधारित संरचना थी, जिसने देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का कानूनी अधिकार दिया। नई वीबी-जी राम जी योजना प्रत्यक्ष अधिकार ढांचे पर प्रहार है और यह राज्यों की संघीय संरचना पर भी आक्रमण है, क्योंकि केंद्र अब राज्यों से धन वापस खींच रहा है। इसका प्रभाव गरीब जनता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा आघात करेगा।

खरगे ने कहा कि संसद में 16 दिसंबर को केंद्र सरकार ने स्वयं स्वीकार किया था कि नीति आयोग के अध्ययन में मनरेगा से टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण की पुष्टि हुई है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी काल में मनरेगा ने प्रवासी मजदूरों को रोजगार सुरक्षा प्रदान कर ग्रामीण संकट प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय कैबिनेट में चर्चा के बिना सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया।

कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों लोगों के लिए कानूनी मजदूरी अधिकार की गारंटी था। नई योजना उस अधिकार आधारित ढांचे को क्षति पहुंचाती है और संघीय संतुलन को भी बाधित करती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीब वर्ग को गंभीर क्षति होने की आशंका है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एकतरफा लिया गया और इसका नीतिगत लाभ चुनिंदा उद्योगपतियों तक केंद्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस मनरेगा को मजबूत करने वाली विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और संघीय ढांचे तथा ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार मनरेगा के स्थान पर विकसित भारतः रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी- जी राम जी योजना लेकर आई है। इसमें वर्षभर में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गयी है, जबकि मनरेगा में सिर्फ 100 दिन की गारंटी थी।

anand prakash

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