सत्याग्रह एवं सद्भावना एक्सप्रेस की स्पीड बढ़ाने व स्टॉपेज कम करने को लेकर पूर्व मध्य रेलवे तत्पर

सत्याग्रह एवं सद्भावना एक्सप्रेस की स्पीड बढ़ाने व स्टॉपेज कम करने को लेकर पूर्व मध्य रेलवे तत्पर
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– रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव
रक्सौल। पूर्व मध्य रेलवे ने रक्सौल और आनंद बिहार के बीच चलने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस एवं सद्भावना एक्सप्रेस की स्पीड बढ़ाने व स्टॉपेज कम करने को लेकर रेलवे बोर्ड से सलाह मांगी है। वहीं मामले पर विचार करने का आग्रह किया है। उक्त कार्यवाही शिक्षाविद डॉ. स्वयंभू शलभ के प्रतिवेदन के आलोक में की गई है। रेलवे बोर्ड को भेजे गए पत्र में पूर्व मध्य रेलवे ने बताया है कि सत्याग्रह एक्सप्रेस के रक्सौल और आनंद विहार के बीच 45 और सद्भावना एक्सप्रेस के 36 मार्ग विरामों के कारण, साथ ही मार्ग की सीमित उपलब्धता के कारण, वर्तमान में इन ट्रेनों की गति सीमित है। हालांकि, यदि संभव हो तो इन ट्रेनों के चलने के समय को कम करने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे बोर्ड से इस मामले पर विचार करने और इस संबंध में सलाह देने का आग्रह किया है।

डॉ. शलभ ने अपने प्रतिवेदन में बताया है कि रक्सौल और आनंद विहार के बीच प्रतिदिन चलनेवाली 15273/74 सत्याग्रह एक्सप्रेस मात्र 957 किमी दूरी तय करने में 24 घंटे  से अधिक समय लेती है। यह ट्रेन रक्सौल से 8.40 बजे निकलकर दूसरे दिन सुबह 9.10 बजे आनंदविहार पहुंचती है और आनंदविहार से शाम 5.30 बजे निकलकर दूसरे दिन शाम 5.35 बजे रक्सौल पहुंचती है। रेलवे के तकनीकी विकास और हाई स्पीड के इस दौर में केवल 957 किमी की दूरी के लिए 24 घण्टे से अधिक का समय लगना अप्रत्याशित भी है और अनावश्यक भी।

वहीं रक्सौल से आनंद विहार जाने के लिए दूसरी ट्रेन 14015/14017/14007 सद्भावना एक्सप्रेस है, जिसे 1226 किमी की दूरी तय करने में 29 से 30 घंटे लग जाती है। उत्तर बिहार के अन्य स्टेशनों से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में ये दोनों ट्रेन सबसे ज्यादा समय लेती हैं। सीमा क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली इन दोनों ट्रेनों के महत्व को रेखांकित करते हुए इनकी स्पीड बढ़ाने और स्टॉपेज कम करने की मांग डॉ. शलभ ने  की है। संभव  है कि रेलवे बोर्ड इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

anand prakash

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