सियासी घमासान के बीच सुर्खियो में नगर पंचायत
-कथित अनियमितता को लेकर कड़ाके की ठंड में राजनीति का पारा गर्म
सुगौली। नगर पंचायत एक बार फिर सियासी घमासान के चलते सुर्खियों में है। कथित अनियमितता को लेकर इस कड़के की ठंड में भी नगर की राजनीति गरमा गई है। फिलवक्त वार्ड पार्षद दो खेमों में बंट दिख रहे हैं। एक ओर पार्षद श्याम शर्मा, राजकुमार सर्राफ, कामिनी श्रीवास्तव, बिट्टू ठाकुर बोर्ड की सहमति के वगैर लाखो/करोड़ों रुपये की खरीदारी में पैसो की बंदरबांट का आरोप लगा रहे है, वहीं मुख्य पार्षद के समर्थन में पक्षधर पार्षदों का कहना है कि यह सब दबाव की राजनीति है, जबकि नगर पंचायत के बोर्ड के बैठक के आलोक में लगातार विकास के कार्य किए जा रहे हैं। आरोप लगाने वाले पार्षदों का दावा है कि नगर पंचायत में पहले से ही ट्रैक्टर, डस्टबिन और ठेला गाड़ी जैसे संसाधन मौजूद है। बावजूद इसके कमीशनखोरी की लालच में दोबारा खरीदारी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।
खरीदे गए सामान की गुणवत्ता भी घटिया है, जो थोड़े समय में ही बेकार हो जा रही हैं। दूसरी ओर, मुख्य पार्षद पति सह जदयू नेता भाई अलीहसन और कार्यपालक पदाधिकारी धमेंद्र कुमार न सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर कहते है कि नगर पंचायत में हर खरीदारी सशक्त समिति और बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव के बाद की गई है। नगर में नालियों की नियमित सफाई, हाई मास्ट लाइट की स्थापना, साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे कई विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं। वहीं वार्ड पार्षद शीव राम, पार्षद पति ऐनूल हक, आमानुल्लाह रवि पासवान, पार्षद कुरैशा खातून और पार्षद पति अंजारुल हक ने भी खरीदारी का समर्थन किया है।

