सहयोगी डाक्टर ही निकला डा.सजल अपहरण कांड का मास्टरमाइंड
छपरा। जिले में बीते बुधवार की रात डॉक्टर सजल कुमार और उनके केयर-टेकर की नाकाम किडनैपिंग के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। इस केस में पटना का ही एक डॉक्टर मास्टरमाइंड निकला है।उसका नाम शिवनारायण है, जो डॉक्टर सजल के क्लीनिक में एनेस्थिसिया का काम देखता था। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं की योजना फिरौती वसूलने के बाद डॉक्टर सजल कुमार की हत्या कर देने की थी। पुलिस ने बीते दो दिन छपरा और पटना में छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक आरोपी की तलाश में हरियाणा में छापेमारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पटना के डॉक्टर ने सारण के डॉक्टर की एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अपहरण की सुपारी दी थी। सारण के एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड स्थित बुद्धा कॉलोनी के रहने वाले डॉ.शिवनारायण इस अपहरण कांड का मास्टरमाइंड है। अपराधियों के चंगुल से बचकर निकले डॉक्टर की क्षतिग्रस्त कार की फॉरेंसिक जांच शुक्रवार को की गई।
मालूम हो कि छपरा के टाउन थाना क्षेत्र के साधनापुरी दहियावां मोहल्ले के रहने वाले जाने-माने चिकित्सक डॉ. सजल कुमार को अपराधियों ने अपहरण के लिहाज से उस समय निशाना बनाया, जब वे अपने वाहन से रात में अपने घर साधना पुरी मोहल्ले में पहुंचे थे।
अपराधियों ने डॉक्टर सजल और उनके केयरटेकर को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और अपने साथ ले जा रहे थे। हालांकि डॉक्टर ने अपने साहस का परिचय देते हुए गाड़ी से कूद कर जान बचा ली। बाद में किडनैपर्स की गाड़ी एक पोल से टकरा गई। फिर अपराधी वहां से पैदल ही भाग निकले।
उधर, इस घटना में शामिल अपराधियों के हथियार को जब्त करने गुरुवार को गई पुलिस के साथ अपराधियों की मुठभेड़ भी हुई, जिसमें गोली लगने से दो आरोपी घायल हो गए। फिलहाल दोनों का इलाज छपरा सदर अस्पताल में चल रहा। उनकी हालत पर पुलिस की कड़ी निगरानी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित डॉ. सजल कुमार के क्लीनिक में साथ ही काम करने वाले एनेस्थीसिया के डॉ. शिवनारायण ने पटना और आसपास के इलाकों में जमीन खरीदी थी। अभी उसको अन्य जमीन भी खरीदनी थी। डॉक्टर सजल के पास पैसे होने के बारे में उसे अच्छी जानकारी थी। इस लेन-देन और आर्थिक लालच के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।
सीनियर एसपी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गोपालगंज, मोतिहारी और सारण जिलों में ठगी से जुड़े मामले पहले से दर्ज हैं, जिससे उनका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी कट्टा, दो देसी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, पांच खोखा और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि अपराधी पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देने निकले थे।

