श्रीमद् भागवत कथा में पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक हर्षवर्धन जी महाराज की विदाई में उमड़ी भीड़
– लोगों ने पुष्प की वर्षा कर आशीर्वचन प्राप्त किया
सुगौली। नगर के माई स्थान वार्ड संख्या–10 में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपरांत गुरुवार को अयोध्या से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक लाड़ले हर्षवर्धन महाराज की विदाई श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु विदाई के गवाह बने।
विदाई समारोह के दौरान पूरा क्षेत्र ‘हरि बोल’, ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे–राधे’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में डूब गया था। उल्लेखनीय है कि कथा के दौरान महाराज के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं के मन पर गहरी छाप छोड़ी। फलस्वरूप विदाई के समय श्रद्धालु महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आतुर दिखे। किसी ने चरण स्पर्श कर आशीष लिया तो, कोई उनकी एक झलक पाने के लिए नयन पसारे दिखे।
श्रद्धालुओं की आंखों में भावुकता साफ झलक रही थी, जबकि कई भक्तों ने नम आंखों से उन्हें विदा किया। विदाई जुलूस जैसे ही मुख्य बाजार की ओर बढ़ा, कुछ समय के लिए पूरा बाजार श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। सड़क के दोनों ओर खड़े भक्त महाराज पर पुष्पवर्षा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे वातावरण और भी दिव्य हो उठा।
जाहिर है फूलों की वर्षा और भजनों की गूंज ने नगर को भक्ति रंग में रंग दिया। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही। आयोजन समिति के सभी सदस्य पूरी तत्परता बरत रहे थे। समिति सदस्यों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से समाज में धर्म, संस्कार और सद्भाव का संदेश देने का प्रयास किया गया।

