बिहार विधानमंडल में राज्यपाल का अभिभाषण, महिला सशक्तिकरण और विकास योजनाओं पर फोकस

बिहार विधानमंडल में राज्यपाल का अभिभाषण, महिला सशक्तिकरण और विकास योजनाओं पर फोकस
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पटना।बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने संयुक्त सदन के अभिभाषण में राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास के एजेंडे का विस्तार से उल्लेख किया।उनके भाषण में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रहे।

महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहन

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं का व्यवसाय मजबूत होगा, उन्हें सरकार द्वारा 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक बड़ी संख्या में महिलाओं को 10 हजार रुपये की नकद सहायता दी जा चुकी है। यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बताया कि राज्य में 27 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में बिहार स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब राज्य के हर जिले में इंजीनियरिंग कोर्स उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही और अब अन्य राज्यों से भी विद्यार्थी बिहार आ रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार

राज्यपाल ने सड़कों, बाइपास और रेलवे पुलों के तेजी से निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि अब बिहार के दूर-दराज इलाकों को भी पटना से पांच घंटे के भीतर जोड़ा गया है। उन्होंने इसे “रोड रेवोल्यूशन” बताते हुए राज्य की नई रफ्तार और विकास का संकेत बताया।

सामाजिक न्याय और समावेशी विकास

अभिभाषण में सभी समुदायों और वर्गों को साथ लेकर चलने वाली योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें तलाकशुदा महिलाओं के सहयोग, मदरसों को मान्यता और उनके शिक्षकों को बराबर वेतन देना, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों के लिए विभिन्न परियोजनाएं शामिल थीं। इन योजनाओं में स्कॉलरशिप योजनाएं, सिविल सर्विस इंसेंटिव स्कीम, मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन रोजगार योजना, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के तहत स्कूल, हॉस्टल और मुफ्त कोचिंग की सुविधा शामिल हैं।

राज्यपाल के भाषण में बिहार के शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख भी किया गया। साथ ही सरकार के समावेशी विकास मॉडल और भविष्य की योजनाओं का विज़न प्रस्तुत किया गया।

anand prakash

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