पूर्वी चंपारण के किसी भी एनडीए विधायक को मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह
पूर्वी चम्पारण जिले के 12 विधानसभा में से 11 में एनडीए के परचम लहराने के बाद भी बिहार सरकार के नये मंत्रीमंडल में जगह नही मिली है। जाहिर है कि एनडीए समर्थक एवं नेताओं सहित सरकार से लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालो में निराशा होगी।उल्लेखनीय है,कि जिले के ढाका विधानसभा में राजद के फैसल रहमान को छोड़ सभी सीटो पर एनडीए प्रत्याशी को जीत मिली है। 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद समूचे जिले में दलित समुदाय से आने वाले भाजपा विधायक कृष्णनंदन पासवान को मंत्री बनाया गया। फलस्वरूप एनडीए वोटरो में खुशी देखने को मिली, लेकिन इस बार सरकार गठन में जिले के किसी भी विधायक या निर्वतमान मंत्रियों को जगह नहीं मिली, नतीजतन लोग मायूस है।
दीगर है कि इस मामले में पश्चिम चम्पारण के नौतन से चुनाव जीते भाजपा प्रत्याशी नारायण प्रसाद को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। जाहिर है कि उक्त परिणाम सांसद संजय जायसवाल के प्रयास से हुआ होगा। हालांकि मोतिहारी के सांसद राधामोहन सिंह सहित शिवहर सांसद लवली आनंद एनडीए के दिग्गजो के रूप में जाने जाते है। ऐसे में 12 विधानसभा में किसी एक भी प्रत्याशी को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने की चर्चा चाय-पान के दुकानो से लेकर गांव के चौपालो तक में हो रही है।

