वाराणसी से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू, पूर्वांचल को मिली बड़ी सौगात
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल एवं सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इसके साथ ही वाराणसी सिटी-राजातालाब और प्रयागराज रामबाग-बनारस के बीच नई ट्रेन सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया। बनारस से 10 मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू होने से पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के साथ-साथ ट्रेन में काम करने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात है। ट्रेन की समय-सारणी ऐसी रखी गई है कि यात्री रात में वाराणसी से रवाना होकर सुबह दिल्ली पहुंच सकेंगे और दिल्ली से रात में चलकर सुबह वाराणसी पहुंचेंगे।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया। इस दौरान रेल मंत्री ने बच्चों, यात्रियों, रेल कर्मचारियों और लोको पायलटों से संवाद किया। उन्होंने रेल कर्मचारियों से यात्रियों के साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार करने और ट्रेन में स्वच्छता के मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश तथा भारतीय रेल निरंतर प्रगति कर रही है। भारतीय रेल उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले काशी से दिल्ली पहुंचने में 13 से 14 घंटे लगते थे, लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह दूरी अब 8 से 9 घंटे में पूरी होगी। पहली वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू की गई थी, जिसमें चेयर कार की सुविधा है। अब स्लीपर ट्रेन शुरू होने से यात्रियों की यात्रा और अधिक सुविधाजनक होगी।
यह ट्रेन देश की आध्यात्मिक राजधानी काशी को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल आम भारतीय की सवारी है और इसे आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले मीटर गेज और ब्रॉड गेज की मिश्रित व्यवस्था थी, लेकिन अब प्रदेश की सभी रेल लाइनें ब्रॉड गेज में परिवर्तित हो चुकी हैं और उनका विद्युतीकरण भी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। इस मार्ग पर मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) का किराया मात्र 95 रुपये रखा गया है।
इसी प्रकार बनारस से प्रयागराज के बीच शुरू की गई मेमू ट्रेन सेवा का मासिक किराया 220 रुपये है। यह सुविधा अधिवक्ताओं, व्यापारियों, किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं के लिए काफी उपयोगी होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच आठ मेमू ट्रेनें संचालित होंगी। ये ट्रेनें वाराणसी, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर रुकेंगी। वहीं, बनारस से प्रयागराज के बीच दो मेमू ट्रेनें चलेंगी, जो राजातालाब, माधोसिंह, ज्ञानपुर रोड, हंडिया खास और झूसी स्टेशनों पर ठहरेंगी।
रेल मंत्री ने कहा कि सरकार ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को मंजूरी प्रदान की है। प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। परियोजना पूरी होने पर दिल्ली से वाराणसी की दूरी मात्र साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्णतः स्वदेशी होगी।
रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेल में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं। इसका प्रमुख कारण रेलवे के लिए पर्याप्त धनराशि का आवंटन है। उत्तर प्रदेश में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने 20,012 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो वर्ष 2009-14 के दौरान यूपीए सरकार द्वारा आवंटित राशि से 18 गुना अधिक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इन स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने के साथ ही उनके फसाड में स्थानीय संस्कृति की झलक भी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि रेलवे में आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। पहले अनारक्षित रेलवे क्रॉसिंग दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण थीं, लेकिन अब रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक हजार किलोमीटर से अधिक हिस्सा है, जिससे मालगाड़ियों का संचालन तेज और सुरक्षित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने रेलवे पटरियों, स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता के स्तर में हुए सुधार की सराहना करते हुए नई ट्रेन सेवाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रयागराज रामबाग स्टेशन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और प्रयागराज रामबाग-बनारस ट्रेन सेवा सहित अन्य नई सेवाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया।
वाराणसी कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भी नई ट्रेन सेवाओं के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया।
इस अवसर पर बनारस रेलवे स्टेशन पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, मंत्री रविन्द्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत प्रशासक पूनम मौर्या, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सुनील पटेल, अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, श्याम नारायण सिंह और अन्नपूर्णा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर आयोजित समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी और विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी मौजूद रहे।
महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पाण्डेय, बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक आशुतोष पन्त सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

