देश की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया का हो रहा दुरुपयोग, दिमागी नक्सलियों के खिलाफ सतर्कता जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी

देश की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया का हो रहा दुरुपयोग, दिमागी नक्सलियों के खिलाफ सतर्कता जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि अफवाहें फैलाने और भारत की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुकाबला करना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।भले ही हमने दूरदराज के इलाकों से नक्सलवाद को खत्म कर दिया गया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलवाद’ का खतरा अभी भी बना हुआ है। देश को इन दिमागी नक्सलियों के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि लोकतंत्र में विरोधी पक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है लेकिन दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विपक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर हताशा और निराशा में विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं। विरोध नहीं, अवरोध को ही इन्होंने अपनी राजनीति बना लिया है। ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं।

नक्सलवाद के खात्मे पर उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने घोषणा की थी कि जब तक देश नक्सलवाद और माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। आज एक वर्ष बाद देश में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। दशकों तक हिंसा और रक्तपात से ग्रस्त रहे क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परेड ग्राउंड, एकता नगर, गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में आज भाग लिया।

इस दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा संविधान हमें जवाबदेह बनाता है, जबकि एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है। इसीलिए हम स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस मनाते हैं। स्वतंत्रता से देश अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करता है। लेकिन स्वतंत्रता को सही दिशा गणतंत्र से मिलती है।

इस दौरान उन्होंने 1984 के सिख विरोधी हिंसा का मुद्दा उठाया और कहा कि कांग्रेस के शासन में निर्दोष सिखों को जिंदा जलाया गया ओर वही कांग्रेस आज लोकतंत्र और इंसाफ का ढोंग कर रही है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में राहुल गांधी की मेगा रैली पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। 1984 के पीड़ितों के आंसू कांग्रेस के पापों की गवाही देते हैं। सियासी ड्रामे से कांग्रेस का यह कलंक कभी नहीं मिटेगा।

इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धि बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट के कारण पेट्रोल-डीजल की खरीद पर सीमाएं लगानी पड़ीं, जबकि भारत में भी ऐसी आशंकाएं जताई जा रही थीं। इस दौरान कुछ ताकतों ने झूठ और अफवाह फैलाकर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की, लेकिन देशवासी मजबूती से राष्ट्र के साथ खड़े रहे।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश के भूगोल को एकजुट करने के साथ भावनात्मक एकता की नींव भी मजबूत की। भारत की विविधता उसकी बाधा नहीं, बल्कि एकता का आधार है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान से जोड़ा।

anand prakash

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