श्रम विभाग की धावा दल का विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापा, 8 बाल श्रमिक मुक्त
मोतिहारी श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग बिहार के निर्देश के आलोक में एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, रक्सौल के नेतृत्व में रक्सौल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विशेष धावा दल के सदस्यो ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया।
इस क्रम में कुल-03 प्रतिष्ठानो से कुल-04 बाल श्रमिको को धावा दल की टीम के द्वारा विमुक्त कराया गया। साथ ही श्रम अधीक्षक सत्या प्रकाश द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि यह अभियान जिला में लगातार क्रियाशील रहेगा। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत सभी नियोजकों के विरूद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, मोतिहारी के समक्ष उपस्थापित कर उन्हें बाल गृह में रखा गया है।
श्रम अधीक्षक सत्या प्रकाश ने बताया कि बच्चों से प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन के अंतर्गत गैर कानूनी है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अतर्गत बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को 20 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक का कारावास का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में सभी नियोजकों से 20 हजार प्रति बाल श्रमिक की दर से राशि की वसूली की जाएगी।
विशेष धावा दल की टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, रक्सौल, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुगौली, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चिरैया,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, पहाड़पुर एवं डंकन हॉस्पिटल रक्सौल के प्रतिनिधि, प्रयास संस्था तथा ग्राम नियोजन केंद्र के प्रतिनिधि एवं पुलिस लाइन से 05 पुलिस कर्मी एवं एंटी ह्यूमन टै्रफिकिंग यूनिट की टीम शामिल थी। वहीं इसके अतरिक्त पहाड़पुर एवं हरसिद्धि के विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन अभियान चलाया गया।
इस क्रम में पहाड़पुर एवं हरसिद्धि प्रखंड के कुल-04 प्रतिष्ठानो रानू स्वीट्स हरसिद्धि, जय माता दी साइकिल स्टोर हरसिद्धि, भवानी मोटर सर्विस सेंटर पहाड़पुर एवं एके मोटर्स पहाड़पुर से 01-01 बाल श्रमिक अर्थात कुल-04 बाल श्रमिको को धावा दल की टीम के द्वारा विमुक्त कराया गया।
टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, पहाड़पुर , श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, हरसिद्धि, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, घोड़ासहन, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, पिपराकोठीएवं डंकन हॉस्पिटल रक्सौल के प्रतिनिधि, प्रयास संस्था तथा ग्राम नियोजन केंद्र के प्रतिनिधि एवं पुलिस लाइन से 08 पुलिस कर्मी एवं एंटी ह्यूमन टै्रफिकिंग यूनिट की टीम शामिल थी।

