चरस तस्करी में दोषी को 15 वर्ष का कठोर कारावास, एक लाख रुपये जुर्माना
मोतिहारी। एनडीपीएस न्यायालय द्वितीय के विशेष न्यायाधीश बृजेश कुमार ने चरस तस्करी के मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सजा पाने वाला अभियुक्त हरसिद्धि थाना क्षेत्र के घोघराहा बैरिया निवासी चंदेश्वर सहनी का पुत्र साजन कुमार है। मामले में 24 अगस्त 2024 को हरसिद्धि थानाध्यक्ष निर्भय कुमार को चरस तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने घोघराहा बैरिया तीनमुहानी के पास वाहन जांच के दौरान मोटरसाइकिल सवार साजन कुमार और उसके साथी राजू कुमार को पकड़ा। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल से 30 किलो चरस बरामद की गई।
गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान एवं निशानदेही के आधार पर पुलिस ने घोघराहा बैरिया निवासी जोशी सहनी के घर पर छापेमारी की। वहां से भी 31 किलो चरस बरामद हुई। इसके बाद जोशी सहनी समेत तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई और साजन कुमार व राजू कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। विचारण के दौरान राजू कुमार का मामला किशोर न्यायालय में चला गया।
वहीं साजन कुमार को भी किशोर न्यायालय में ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ। इस दौरान प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़े के मामले में उसके पिता चंदेश्वर सहनी को भी जेल जाना पड़ा। मामले में विशेष लोक अभियोजक प्रभास कुमार त्रिपाठी ने अभियोजन की ओर से सात गवाहों का परीक्षण कराया तथा प्रभावी दलीलें प्रस्तुत कीं। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद साजन कुमार को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।

