जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल नहीं जाए, तब तक राहत कार्य जारी रहेगाः श्रवण कुमार

जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल नहीं जाए, तब तक राहत कार्य जारी रहेगाः श्रवण कुमार
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-बाढ़ से हुई क्षति का आंकलन कर पीढीयों को मिलेगा मुआवजा

 -फसलों की क्षति का भी सहायता राशि मिलेगी 

 मोतिहारी। श्रवण कुमार मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सह प्रभारी मंत्री  की अध्यक्षता में बाढ़ आपदा से संबंधित समीक्षा बैठक   समाहरणालय  स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में  हुई।  बैठक में सांसद  राधा मोहन सिंह,  विधायक  प्रमोद कुमार,  श्याम बाबू प्रसाद यादव,  राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता,  सचिंद्र प्रसाद सिंह,  विधान पार्षद  महेश्वर सिंह, वीरेंद्र नारायण यादव, पूर्व सांसद रामादेवी, जिलाधिकारी  सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक  स्वर्ण प्रभात, नगर आयुक्त  आशीष कुमार,अपर समाहर्ता  मुकेश कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार सहित पूर्वी चंपारण जिला के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी कार्य विभागों के अभियंता उपस्थित थे।

 सर्वप्रथम जिलाधिकारी के द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया गया, तत्पश्चात पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया कि दिनांक 23.9.2026 को आईएमडी द्वारा चेतावनी प्रकाशित की गई कि नेपाल के तराई क्षेत्र में अत्यधिक वर्षापात होने की संभावना है। जिस कारण जिला अंतर्गत बहने वाली नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। उक्त सूचना के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया।

जनमानस को माइकिंग के माध्यम से सचेत रहने एवं उच्च स्थान पर शरण लेने के लिए जन जागरूकता फैलाई गई। इस दौरान गंडक नदी से संबंधित चंपारण तटबंध सहित अन्य रिंग बांध की सुरक्षा के मद्देनजर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई। 28 सितंबर को  मुख्यमंत्री के द्वारा डुमरिया घाट में गंडक नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया गया एवं बाढ़ से बचाव की तैयारी के संबंध में सभी तरह के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन के द्वारा प्राप्त निर्देशों का शीघ्र क्रियान्वयन कराया गया।

इसमें स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधिगण का भरपूर सहयोग मिला, जिसके कारण पूर्वी चंपारण के सभी तटबंध सुरक्षित रहे एवं बाढ़ से यथा संभव बचाव सुनिश्चित किया गया।  जिलाधिकारी ने बताया कि  जिला के कुल चार अंचल संग्रामपुर, अरेराज, केसरिया और पहाड़पुर के कुल 17 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसके अंतर्गत कुल 48908 की आबादी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिना समय गंवाए राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया अंतर्गत राहत कार्य प्रारंभ कराया गया।

बाढ़ की पानी से घिरे लोगों को बाहर निकालने के लिए नाव एवं मोटर बोट का उपयोग शीघ्र प्रारंभ कराया गया। ड्रोन के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया ताकि कहीं कोई पानी में फंसा हुआ तो नहीं है। संग्रामपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रभु टोला में राहत केंद्र का संचालन प्रारंभ कराया गया। निचले इलाकों से बांधो पर आए हुए लोगों के लिए आवश्यकता अनुसार सामुदायिक रसोई का संचालन कराया गया एवं पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम लगातार सक्रिय रही।

पशुपालन विभाग के द्वारा पशुओं के लिए पशु चारा का इंतजाम कराया गया। कुल 28 सामुदायिक रसोई अभी संचालित किया जा रहे हैं जहां 64725 लोगों ने भोजन ग्रहण किया है। इसके अतिरिक्त केसरिया और अरेराज में 3485 ड्राई राशन पैकेट का वितरण किया गया है। लोगों की सुविधा को देखते हुए 9674 पॉलिथीन शीट्स का वितरण कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मेडिकल कैंप लगाकर 4000 से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य जांच  किया गया है। इस दौरान 1484 लोगों का इलाज की गई है और दवा उपलब्ध कराई गई है।

 बाढ़ का पानी अब घटना शुरू हो गया है। जहां से भी पानी निकल रहा है, वहां ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। अब तक 576 केजी ब्लीडिंग पाउडर का वितरण किया गया है। आपातकालीन संचालन केंद्र 24 गुणा 7 तीनों पालियों में संचालित है जिसका दुर्घटना संख्या 06252 242418 है। बैठक उपस्थित सभी  विधायक, विधान पार्षद एवं सांसद से  मंत्री ने बाढ़ को लेकर उत्पन्न समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। 

बैठक उपस्थित जनप्रतिनिधिगण की मांग पर  मंत्री  ने कहा कि जबतक बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकल नहीं जाए, तबतक राहत कार्य जारी रहेगा।  उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई क्षति का आंकलन कर राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार मुआवजा और सहायता के लिए सूची राज्य सरकार को भेजी जाए, ताकि शीघ्र बाढ़ अनुदान की राशि का भुगतान संबंधितों के खातों में किया  किया जा सके। उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री  के द्वारा शीघ्र ही  प्रभावितों के खाते में राशि का भुगतान किया जाएगा।  जल जमाव से हुई फसलों की क्षति का भी आंकलन कराई जाएगी और उसके लिए भी मुआवजा घोषित की जाएगी।

anand prakash

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