एनएचआई 139 डब्लू साहेबगंज- अरेराज- बेतिया पथ निर्माण सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाः डीएम
-78.942 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निर्माण के लिए 3822 करोड़ की राशि आवंटित
-अंचल अधिकारियों को रैयतों की भूमि में प्राप्त त्रुटि को शीघ्र दूर कराने का निर्देश
मोतिहारी। साहेबगंज से अरेराज होते हुए बेतिया तक 78.942 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इसका प्रथम भाग साहेबगंज से अरेराज तक 38. 36 किलोमीटर और दूसरा भाग अरेराज से बेतिया तक 40.58 किलोमीटर का है। पथ निर्माण कार्य के लिए 07 अप्रैल 2026 को चयनित एजेंसी के साथ एग्रीमेंट किया जा चुका है।
इस पथ के निर्माण पर कुल 3822 करोड़ की राशि का व्यय होना है। जबकि पथ निर्माण का कार्य अगले 2 वर्षों में पूरा किया जाना है। फलस्वरूप शनिवार को समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में जिलाधिकारी सौरव सुमन यादव की अध्यक्षता में निर्माण कार्य के शुभारंभ को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। उक्त अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, एन एच आई के के प्रोजेक्ट अभियंता, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, तिरहुत नहर प्रमंडल, विद्युत, पीएचइडी , अंचल अधिकारी केसरिया, संग्रामपुर, अरेराज, हरसिद्धि एवं पहाड़पुर एवं संबंधित थानों के थाना प्रभारी उपस्थित थे।
बैठक में प्रोजेक्ट अभियंता ने बताया कि इस कार्य के लिए तीन कैंप बनाए जा रहे हैं, जिसमें दो पूर्वी चंपारण में और एक कैंप पश्चिमी चंपारण में रहेगा। इस पथ में एक मेजर ब्रिज और 22 माइनर ब्रिज भी बनेंगे। तिरहुत कैनाल को क्रॉस करते हुए 250 मीटर लंबा मेजर ब्रिज बनेगा। नतीजतन जिलाधिकारी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को पथ निर्माण से संबंधित जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र दिलाने का निर्देश दिए।
यह पथ पूर्वी चंपारण जिला के केसरिया, संग्रामपुर, हरसिद्धि, अरेराज एवं पहाड़पुर अंचल से गुजरेगी जिसमें कुल 45 राजस्व ग्राम आ रहे हैं। इसके अंतर्गत केसरिया में 18, संग्रामपुर में 10, अरेराज में 04, हरसिद्धि में 06 और पहाड़पुर में 07 राजस्व ग्राम शामिल हैं। जिसमें कुल 2778 खेसरा तथा 5500 रैयत शामिल हैं। फलस्वरूप जिलाधिकारी ने भू- अर्जन प्रक्रिया अंतर्गत रैयतों के भुगतान की समीक्षा की गई एवं भुगतान अति शीघ्र करने का निर्देश दिया।
समीक्षोपरांत पाया गया कि अभी तक 697 रैयतों का भुगतान कर दिया गया है, इसके अतिरिक्त संबंधित अंचलों से 1238 अभिलेख जिला भू-अर्जन कार्यालय को प्राप्त हो चुका हैं। अभी तक 77.41 करोड़ की राशि का भुगतान रैयतों को कर दी गई है। परियोजना अंतर्गत 36 मौजा का दखल कब्जा अधियाची विभाग को दे दिया गया है,जिसकी दूरी 49.02 किलोमीटर है। जबकि समीक्षा में पाया गया कि जिला भू अर्जन कार्यालय को प्राप्त 506 अभिलेख त्रुटि पूर्ण है। इसके निराकरण के लिए अभिलेख को अंचल कार्यालय वापस किया गया है।
फलस्वरूप जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट की एवं स्पष्ट निर्देश दिया की त्रुटि निराकरण के लिए अभिलेख को जिला भू अर्जन कार्यालय से संबंधित अंचल को वापस नहीं करे बल्कि संबंधित अंचल के अंचलाधिकारी को जिला भू-अर्जन कार्यालय बुलाकर यहीं पर उसका त्रुटि निराकरण कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार की यह एक बड़ी महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसकी समीक्षा बिहार सरकार और भारत सरकार में शीर्ष स्तर पर की जा रही है।
उन्होंने सम्बन्धित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना से संबंधित रैयतों का भुगतान शीघ्र करें। बैठक में उपस्थित सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इस कार्य को प्राथमिकता में रखते हुए आपसी समन्वय के साथ सहयोग प्रदान करें।

