मध्य प्रदेश पहुंचे बिहार के युवा इन्फ्लुएंसर, उज्जैन की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक वैभव से होंगे रूबरू

मध्य प्रदेश पहुंचे बिहार के युवा इन्फ्लुएंसर, उज्जैन की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक वैभव से होंगे रूबरू
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार से आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से किया संवाद

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देवास रोड स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिहार से उज्जैन आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से संवाद किया।इस दल को उज्जैन के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर शहर में चल रहे विकास कार्यों, सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर प्राप्त होगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा इन्फ्लुएंसरों से उज्जैन की प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए उनसे सवाल भी किए, साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों और स्थलों की जानकारी दी। उन्होंने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के संबंध में विस्तार से बताया।

उन्होंने बताया कि वीर भारत संग्रहालय में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक के महान नायकों की गौरवगाथाओं को एक साथ देखने और समझने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय में भारत की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा, वैदिक काल, रामायण एवं महाभारत युग, विक्रमादित्य काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की महत्वपूर्ण घटनाओं और राष्ट्रनायकों के योगदान को एक समग्र रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इससे नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में महान व्यक्तित्वों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन सर्प उद्यान (स्नेक पार्क) की जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन को ‘सर्प मित्र नगरी के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण रखा गया है। सर्प उद्यान केवल पर्यटन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि सांपों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक महत्व तथा पर्यावरणीय संतुलन में उनकी भूमिका के प्रति लोगों में जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्पों के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए उनके संरक्षण और पर्यावरण में उनके योगदान की जानकारी आमजन तक पहुंचाना भी आवश्यक है।उन्होंने बिहार से आए युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को उज्जैन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ श्री महाकाल महालोक के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने उज्जैन की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तथा भगवान महाकाल की नगरी के रूप में इसकी विशिष्ट पहचान से अवगत कराया।

anand prakash

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