भारतीय वस्त्र और फैशन उद्योग को वैश्विक पटल पर ले जाने के लिए भारत-फ्रांस के बीच हुआ समझौता

भारतीय वस्त्र और फैशन उद्योग को वैश्विक पटल पर ले जाने के लिए भारत-फ्रांस के बीच हुआ समझौता
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नई दिल्ली/पेरिस। भारतीय वस्त्र और फैशन उद्योग को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से भारत-फ्रांस के बीच पेरिस में प्रीमियर विजन प्रदर्शनी के दौरान एक ऐतिहासिक समझौता हुआ।केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के अनुसार भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) और रचनात्मक फैशन तथा वस्त्रों के लिए दुनिया के अग्रणी प्लेटफॉर्म ‘प्रीमियर विजन एसए’ ने बुधवार को (2 सितंबर) एक बहुवर्षीय रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

बीटीटीएफ कोर कमेटी सदस्य एवं परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल और प्रीमियर विजन एसए (फैशन डिवीजन) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) फ्लोरेंस रूसन ने हस्ताक्षर किए।

इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारतीय वस्त्रों को वैश्विक लक्जरी और उच्च-स्तरीय फैशन उद्योग से जोड़ना, टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा देना और भारत को वॉल्यूम-आधारित (मात्रा-आधारित) निर्यात से आगे बढ़ाकर उच्च-मूल्य (हाई-वैल्यू) तथा डिजाइन-आधारित निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

यह समझौता जनवरी 2026 में संपन्न हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तुरंत बाद आया है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय बाजारों का रास्ता और आसान हो गया है। वर्ष 2025 में यूरोपीय संघ का कुल कपड़ा एवं परिधान आयात लगभग 292.8 अरब डॉलर था, जिसमें भारत की हिस्सेदारी वर्तमान में 10.4 अरब डॉलर है।

एफटीए के तहत भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात को कवर करने वाली 96.8 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर रियायती पहुंच मिली है, जिसमें कपड़ा एवं परिधान क्षेत्र पर शून्य-शुल्क लागू होने से भारतीय प्रतिस्पर्धात्मकता में भारी उछाल आएगा।

इसमें ज्ञान सत्र एवं प्रतिनिधिमंडल दोनों देश परस्पर व्यापार प्रदर्शनियों में प्रतिनिधिमंडलों, वक्ताओं और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान करेंगे। बाजार पहुंच व निर्यातखरीदार-विक्रेता बैठकों (बी2बी) और बाजार सूचनाओं के आदान-प्रदान से निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। टिकाऊ उत्पादन उत्पादन में चक्रीयता, पता लगाने की क्षमता और जिम्मेदार सोर्सिंग को प्राथमिकता मिलेगी।

विरासत और शिल्प कौशल भारतीय हस्त-कढ़ाई, हथकरघा तथा फ्रांसीसी कपड़ा विरासत को प्रदर्शित करने के लिए जनवरी 2027 में एक जीवंत धागा प्रदर्शनी का आयोजन होगा।इस मौके पर केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव और हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना और भारतीय दूतावास के अधिकारी, प्रमुख उद्योगपति, शीर्ष फैशन डिजाइनर सहित ईपीसी अधिकारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 5एफ विजन के तहत परिकल्पित ‘भारत टेक्स’ दुनिया का सबसे बड़ा कपड़ा आयोजन बनकर उभरा है। प्रीमियर विजन के साथ यह साझेदारी यूरोप और दुनिया के सामने भारत के लक्जरी वस्त्रों को प्रदर्शित करने का स्वाभाविक विस्तार है।

anand prakash

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